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उमंग सिंघार ने दी शिक्षक दिवस की बधाई, स्कूलों और शिक्षकों के मुद्दे पर BJP सरकार को घेरा

सिंघार ने कहा शिक्षक अभ्यर्थी पद वृद्धि की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री जी कागजों में शिक्षा व्यवस्था ‘ऑल ओके’ है, लेकिन जमीन पर बच्चों का भविष्य कौन बचाएगा?
Umang Singhar allegations MP BJP government

Umang Singhar allegations MP BJP government

प्रख्यात शिक्षाविद, पूर्व राष्ट्रपति, ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की  जयंती आज पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जा रही है, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उन्हें नमन करते हुए शिक्षकों को बधाई और शुभकामनायें दी हैं साथ ही प्रदेश के स्कूलों के बदहाल व्यवस्था और शिक्षकों के मुद्दों पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाये हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस एक वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने ‘राष्ट्रीय शिक्षक दिवस’ के अवसर पर सभी गुरुजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं । उन्होंने कहा कि शिक्षा को जीवन का आधार और शिक्षक को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक मानने वाले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार आज भी हम सभी को प्रेरित करते हैं।

शिक्षक अभ्यर्थियों के अनशन को लेकर साधा निशाना  

इस विशेष मौके पर उमंग सिंघार ने प्रदेश की स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों के हालात को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है, उन्होंने X पर पोस्ट पर सरकार पर आरोप लगाये हैं, सिंघार ने कहा भाजपा युवाओं का वोट चाहती है, लेकिन नौकरी नहीं देना चाहती। भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थी कई दिनों से अनशन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनकी आवाज़ सुनने को तैयार नहीं है। युवाओं के साथ भाजपा सरकार का यह दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा।

सरकारी स्कूलों की हालात पर कसा तंज 

सिंघार ने कहा भाजपा सरकार के ‘शिक्षा मॉडल’ की जमीनी हकीकत देखिए, 840 सरकारी स्कूलों की ग्राउंड रिपोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, कहीं 51 बच्चों पर सिर्फ एक शिक्षिका, तो कहीं 212 बच्चों पर महज 25 गुरुजी। कहीं पेड़ के नीचे, तो कहीं जर्जर भवनों में पढ़ने को बच्चे मजबूर हैं। प्रदेश में 72,901 शिक्षक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती नहीं करना चाहती। शिक्षक अभ्यर्थी पद वृद्धि की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री जी कागजों में शिक्षा व्यवस्था ‘ऑल ओके’ है, लेकिन जमीन पर बच्चों का भविष्य कौन बचाएगा?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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