मध्य प्रदेश में गर्मी का असर दिनों दिन तेज होता जा रहा है। गुरुवार (12 मार्च 2026) को एक दर्जन जिलों में तापमान 35 से 39 °C के बीच दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में तो तापमान 40.2 °C रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले बुधवार (11 मार्च 2026) को रतलाम में तापमान 40 °C दर्ज हुआ था। 14 मार्च 2026 को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिससे बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने शुक्रवार (13 मार्च) को नर्मदापुरम, धार और रतलाम में लू चलने की संभावना जताई है।

इन जिलों में बढ़ रहा तापमान

  • रतलाम में 39.5°C
  • खजुराहो में 39 °C
  • धार में 38.8 °C
  • दमोह-टीकमगढ़ में 38.5 °C
  • मंडला, श्योपुर-खरगोन में 38 °C
  • खंडवा में 38.1°C
  • शिवपुरी में 38 °C
  • भोपाल में 37 °C
  • इंदौर में 37.8 °C
  • ग्वालियर में 37.2 °C
  • जबलपुर में 36.9 °C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

शनिवार-रविवार से बदलेंगे मौसम के मिजाज

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ और एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 167 किमी प्रति घंटा की गति से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 14 मार्च 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके असर से पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में 15-16 मार्च 2026 को बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में भी 2 से 3 °C तक गिरावट होने की संभावना है।

15-16 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार

  • 15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी और पांढुर्णा।
  • 16 मार्च : सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, पन्ना, मैहर,अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।

अगले महीने पारा पहुंच सकता है 45 °C, लू चलेगी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान है कि अप्रैल-मई में तापमान 42 से 45 °C तक पहुंच सकता है जिससे लू चलने का भी अनुमान  है। खास करके ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 °C के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। नीमच, मंदसौर, विदिशा, सागर, सीधी, सिंगरौली में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बुंदेलखंड और पूर्वी मध्यप्रदेश (विंध्य क्षेत्र) में हीट वेव चलने की आशंका है।

किसानों को विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं की फसल में दाना भरने की अवस्था के दौरान समय पर सिंचाई करके मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखें। पक चुकी सरसों और प्रारंभिक रबी फसलों की समय पर कटाई करें ताकि दाने झड़ने से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो, वहां ग्रीष्मकालीन फसलें जैसे मूंग और उड़द की बुवाई जारी रखें। टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियों में नियमित सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन सुनिश्चित करें। रस चूसने वाले कीटों और फल छेदक कीटों की निगरानी करें तथा अनुशंसित पौध संरक्षण उपाय अपनाकर उनका नियंत्रण करें।

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