
भोपाल।
जेपी अस्पताल प्रदेश का पहला ऐसा अस्पताल होगा जिस में मदर वार्ड बना होगा। इस में गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती होने वाले नवजात शिशु अपनी मां के साथ रह सकेंगे। इसके लिए अस्पताल में वार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है। मार्च में इसके तैयार होते ही भर्ती होने की सुविधा शुरू हो जाएगी। अति गंभीर और सामान्य सभी बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती किया जाता है। इनमें कई बच्चे ऐसे होते हैं, जो कम वजन के चलते एसएनसीयू में भर्ती होते हैं। इस से पहले शिशु अपनी मां के साथ अस्पताल में नही रह पाते थे। लेकिन अब सुविधा शुरु होने के बाद से नवजात शिशु अपनी मां के साथ रह सकेगे।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

