MP उपचुनाव 2020 : परिणाम के बाद मप्र कांग्रेस संगठन में हो सकते है बदलाव

MP उपचुनाव 2020 : परिणाम के बाद मप्र कांग्रेस संगठन में हो सकते है बदलाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।।मध्यप्रदेश के 19 जिलों की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (By-election) की मतगणना (Counting Of Votes) के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर कांग्रेस की वापसी होती है तो संगठन को और मजबूती दी जाएगी लेकिन अगर कांग्रेस विपक्ष में बैठती है कि कांग्रेस (Congress) आलाकमान प्रदेश संगठन बदलाव कर सकता है। इस बदलाव की आहट से पहले नेताओं के दिलों की धड़कने बढ़ गई है।

वही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के दो पदों पर भी तलवार लटक सकती है, क्योंकि नाथ  प्रदेशाध्यक्ष के पद पर रहते है तो उन पर नेता प्रतिपक्ष (Opposition Leader की जिम्मेदारी छोड़ने का दबाव बन सकता है।कांग्रेस का केंद्रीय संगठन विधानसभा उपचुनाव (Assembly By-election) की नजर पूरी तरह से मतगणना (Counting) पर बनी हुई है। उपचुनाव से पहले विधायकों और पूर्व मंत्रियों से मुलाकात कर रणनीतियां बनाने वाले  प्रदेश के प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक (Mukul Wasnik) परिणाम के बाद भी फीडबैक ले रहे है। बताया जाता है कि परिणामों (By-election Result) के आधार पर संगठन की रूपरेखा तय होगी। यदि नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं तो मौजूदा टीम को और ताकत मिलेगी और विस्तार के रास्ते खुल जाएंगे।

इसके अलावा जनवरी में नगरीय निकाय (Urban bodies Elections) और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) हो सकते है, ऐसे में उपचुनाव के परिणाम का इन दोनों चुनाव पर असर पड़ेगा, ऐसे में भी माना जा रहा है कि कांग्रेस अगर विपक्ष में बैठती है तो संगठन में बदलाव कर सकती है।वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस (Madhya Pradesh Youth Congress) के संगठन चुनाव भी कराए जाएंगे। अभी विधायक कुणाल चौधरी (Kunal Chaudhary) अध्यक्ष हैं। इनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।सुत्रों की माने तो राहुल गांधी, इमरती देवी वाले बयान को लेकर अब भी कमलनाथ से नाराज चल रहे है, यही कारण है कि कमलनाथ हाल ही में दिल्ली गए थे, हालांकि दोनों के बीच तल्खियां कम हुई या नहीं, इसका खबर नही।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews