Transfer : संभागीय संयुक्त संचालकों की लापरवाही, तबादले के लिए नहीं भेजी जानकारी, लोक शिक्षण संचालनालय ने जताई जाराजगी

निर्धारित समय सीमा में चाही गई जानकारी नहीं भेजने और उसके बाद भी बहुत समय निकल जाने पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर संचालनालय ने नाराजगी जताई है और इसे बहुत खेद का विषय कहा है ।
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मध्य प्रदेश में इस समय तबादलों पर लगी रोक हटी हुई है 30 मई तक तबादलों पर छूट है इसलिए सभी विभाग तबादलों की सूची तैयार कर कर्मचारियों के ट्रांसफर कर रहे हैं लेकिन शिक्षा विभाग में इसे लेकर लापरवाही सामने आई है, जिसपर संचालक लोक शिक्षण भोपाल ने नाराजगी जताई है

संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल डीएस कुशवाह ने उज्जैन और जबलपुर संभाग को छोड़कर अन्य सभी संभागों एक संयुक्त संचालकों के लिए एक पत्र जारी किया है जिसमें उन्हें याद दिलाया गया है कि तबादला नीति 2022 के तहत उनसे कुछ जानकारियां मांगी गई थी जो उन्होंने तय समय सीमा निकल जाने के बाद भी नहीं दी जो गलत है, संचालक ने दो दिन में जानकारी चाही है और ऐसा नहीं करने पर उनकी जवाबदेही तय कर दी है।

3 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों की मांगी जानकारी 

संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा लिखे गए पत्र में लिखा है कि 6 मई 2025 के भेजे पत्र के अनुसार स्थानांतरण नीति 2022 के तहत जिला अंतर्गत विभिन्न कार्यालय में 03 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत विशेष रूप से क्रय/स्टोर / स्थापना शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों को अन्य कार्यालयों में पदस्थ करने के लिए प्रशासकीय स्थानांतरण हेतु प्रस्ताव संयुक्त संचालक को 09 मई 2025 तक भेजा जाना  था।

13 मई तक संचालनालय में भेजी जानी थी सूची 

पत्र में कहा गया था कि संयुक्त संचालक एकजाई प्रस्ताव संचालनालय को 13 मई 2025 को विशेष वाहक के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश प्रदान किये गये। लेकिन वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों के बावजूद संयुक्त संचालकों ने  अब तक जानकारीउपलब्ध नहीं कराई जो बड़ा खेद का विषय है।

जानकारी देने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय 

संचालक डीएस कुशवाह  ने संभागीय संयुक्त संचालकों को भेजे पत्र में कहा कि आपको निर्देशित किया जाता है कि जानकारी दो दिवस की समय-सीमा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व आपका निर्धारित किया जायेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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