नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विदिशा में स्कूली बच्चों के आवागमन की व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में आठवीं के बाद पढ़ाई करने वाले बच्चों को बेतवा नदी के चेक डैम पर करीब चार-चार फीट की 10 छलांगें लगाकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी जान जोखिम में रहती है।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि बच्चों के सामने या तो लगभग 12 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करने की मजबूरी है या फिर चेक डैम पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री करते हैं, वहां भी बच्चों के लिए सुरक्षित सड़क और पुल की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कहा कि 8वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए बच्चों को बेतवा नदी पर बने चेक डैम पर 4-4 फीट की करीब 10 छलांगें लगाकर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश में पढ़ना है, तो छलांग लगानी पड़ेगी”। कांग्रेस नेता ने कहा कि तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए या तो 12 किलोमीटर का लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है, या फिर चेक डैम को छलांग लगाकर पार करना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया मध्यप्रदेश में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान केंद्रीय मंत्री अपने ही संसदीय क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित रास्ता तक नहीं दे सके हैं। उन्होंने कहा कि “भाषणों में विकास के दावे और ज़मीन पर बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ यही भाजपा का असली चेहरा है”।
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान से सवाल किया कि क्या बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने पूछा है कि आखिर कब तक मध्य प्रदेश के बच्चे पुल और सड़क के अभाव में अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते रहेंगे। उमंग सिंघार ने कहा है कि प्रदेश को विज्ञापन नहीं, सुरक्षित सड़कें और मजबूत शिक्षा व्यवस्था चाहिए।






