मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अभियान का खूब प्रचार किया लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकांश लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि “यूँ ही कोई मध्यप्रदेश को ‘गज़ब’ नहीं कहता, यहाँ अधूरे काम करने की भी लागत 5,914 करोड़ है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि अभियान के 104 दिनों के दौरान 5,914 करोड़ खर्च किए गए, इसके बावजूद 277 अमृत सरोवर, 15,255 खेत तालाब अब भी अधूरे हैं। साथ ही 16 विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकारी दावों और वास्तविकता के बीच बड़े अंतर को दर्शाती है।
उमंग सिंघार ने जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी खर्च के बावजूद अनेक कार्य अधूरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस अभियान का खूब प्रचार किया, सिर्फ 104 दिनो में 5,914 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, फिर भी 277 अमृत सरोवर अधूरे हैं, 15,255 खेत तालाब अधूरे हैं और 16 विभाग अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।
सीएम से किए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा है कि यदि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी योजनाओं का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का मॉडल “काम आधा, प्रचार दोगुना” बनकर रह गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि जनता के पैसे से कार्यक्रम, विज्ञापन और फोटोशूट तो पूरे हो जाते हैं, लेकिन जनता से जुड़े विकास कार्य अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास की बजाय “हेडलाइन मैनेजमेंट” किया जा रहा है और इसकी कीमत जनता चुका रही है। बता दें कि आज राजगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का राज्य स्तरीय समापन समारोह आयोजित होने जा रहा है।






