मध्यप्रदेश में जल पर्यटन और बोटिंग सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार “कुंभकरण की नींद” में है और बरगी डैम हादसे के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में तेज हवा के बीच नाव संचालन जारी रहा जबकि यात्रियों के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे और न ही लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। कांग्रेस नेता ने इसे यात्रियों की जान से खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।
भोपाल के बड़े तालाब में बोटिंग के दौरान खराब हुई नाव
जबलपुर बरगी डैम हादसे के महज तीन दिन बाद भोपाल के बड़े तालाब पर बोटिंग के दौरान एक बार फिर सुरक्षा में लापरवाही सामने आई है। रविवार शाम को तेज हवा चलने के बावजूद नावें तालाब में उतारी गईं। उसी दौरान एक पैडल बोट बीच तालाब में खराब हो गई और उस पर सवार युवक-युवती घबरा गए। फिर नाविक को मौके पर बुलाकर बीच पानी में ही उनकी नाव बदली गई। उस समय हवा की रफ्तार 32 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जो सामान्य से दोगुनी से ज्यादा थी।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने इस घटना पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा है कि “कुंभकरण की नींद में सोई भाजपा सरकार बरगी हादसे के बाद भी नहीं जागी है। भोपाल में तेज हवा में नाव फंस गई, लाइफ जैकेट तक नहीं थी। यात्रियों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।” उन्होंने कहा कि क्रूज हादसे से सबक नहीं लिया गया। न लाइसेंस की स्पष्टता है, न सुरक्षा की जिम्मेदारी। विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। बरगी हादसे में NGT के आदेश के बावजूद डीजल इंजन चल रहे हैं और मंत्री को खबर तक नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस विषय का संज्ञान लें, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करें और सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए।






