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अशोकनगर में किशोरी का शव हाथों पर ले जाने की घटना पर उमंग सिंघार का MP सरकार पर हमला, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाया है। उन्होंने इसे व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की है।
अशोकनगर में किशोरी का शव हाथों पर ले जाने की घटना पर उमंग सिंघार का MP सरकार पर हमला, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए अशोकनगर की हालिया घटना को “शर्मसार करने वाला” बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के दो दशकों के शासन में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करने और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को जनहित में मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता से सुनिश्चित करना चाहिए।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

अशोकनगर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी की मौत के बाद परिजनों को उसका शव अस्पताल से घर तक हाथों से उठाकर ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि अस्पताल में न तो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही शव ले जाने के लिए स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा मौजूद थी। परिजन भीषण गर्मी और लगभग 40 डिग्री तापमान के बीच कई किलोमीटर तक शव को लेकर पैदल चलते रहे। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात भर शव को जानवरों से बचाने के लिए पहरा देना पड़ा जिससे पूरे मामले ने मानवता और स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग 

इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पिछले दो दशकों से भाजपा शासन में मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से शर्मसार हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में स्वास्थ्य सेवाएं भले ही बेहतर दिखाई जाती हों लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है, जहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “स्वास्थ्य व्यवस्था कागज़ों में चमकदार, जमीन पर बेबसी मूलभूत सुविधा तक नहीं और स्वास्थ्य मंत्री अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेर राजनीति में व्यस्त है।” कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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