इंदौर शहर एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात से दहल गया। एरोड्रम इलाके के नवग्रह जिनालय में रविवार देर रात जो हुआ, उसने सुबह मंदिर आने वाले हर श्रद्धालु को हैरान कर दिया। जब लोग रोज की तरह पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। जहां भगवान की मूर्तियां स्थापित थीं, वहां खाली स्थान नजर आ रहा था। कुछ ही पलों में यह बात पूरे इलाके में फैल गई और मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई।
यह घटना सिर्फ चोरी की नहीं, बल्कि लोगों की आस्था पर चोट की तरह महसूस की जा रही है। मंदिर में सन्नाटा था, लेकिन लोगों के मन में सवालों का शोर था कि आखिर इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई। इंदौर जैन मंदिर चोरी की यह घटना अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है।
चोरों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह चोरी रात करीब दो बजे से ढाई बजे के बीच हुई। चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार से नहीं, बल्कि पीछे के रास्ते से प्रवेश किया। उन्होंने गेट को तोड़कर अंदर घुसने का रास्ता बनाया, जिससे साफ होता है कि वे पहले से पूरी योजना बनाकर आए थे।
बताया जा रहा है कि कुल पांच लोग इस चोरी में शामिल थे। तीन चोर मंदिर के अंदर गए और बाकी दो बाहर खड़े होकर निगरानी करते रहे। उनका काम था कि अगर कोई आसपास आता दिखाई दे, तो वे अंदर मौजूद साथियों को तुरंत सूचना दे सकें। अंदर घुसे चोर करीब आधे घंटे तक मंदिर में रहे और इस दौरान उन्होंने बहुत सलीके से चोरी की।
चोरों ने चांदी और अष्टधातु की आठ मूर्तियां, एक कलश, एक चांदी का छत्र और दो बर्तन अपने साथ ले गए। जिस तरह से पूरी घटना को अंजाम दिया गया, उससे यह साफ नजर आता है कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है।
कैमरों में कैद हुए चेहरे
मंदिर में लगे कैमरों ने इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया है। हालांकि चोरों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे, फिर भी उनकी गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। तीनों चोरों की उम्र करीब पच्चीस से तीस साल के बीच बताई जा रही है। उनके हावभाव और काम करने के तरीके से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रह चुके हो सकते हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी सबूत जुटाए हैं। उंगलियों के निशान लिए गए हैं और आसपास के इलाके के कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर चोरों की तलाश तेज कर दी गई है।
भक्तों में नाराजगी, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर इस तरह की घटना होना बेहद दुखद है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब मंदिर में कैमरे लगे थे, तो फिर सुरक्षा के अन्य इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर रात के समय सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। इस चोरी ने शहर के अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। इंदौर जैन मंदिर चोरी के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।






