पिछले 5 महीनों से वेतन न मिलने और अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े करीब 30,000 आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर आज, 4 मई 2026 से कर्मचारी अपने चरणबद्ध आंदोलन का आगाज करने जा रहे है।
आउटसोर्स कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 5 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अस्पतालों में 12 से 14 घंटे काम करते हैं, लेकिन निजी एजेंसियों की मनमानी और विभाग की अनदेखी के कारण उनका शोषण हो रहा है। अल्प वेतन के साथ वेतन विसंगतियां, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, अवकाश और महंगाई भत्ते जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रखा जा रहा है।
इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। इस आंदोलन से प्रदेश के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह साफ कह चुके है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।
आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए तीन चरणों में आंदोलन की रणनीति तैयार की है:
- प्रथम चरण (4 मई): प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी एकत्र होंगे और राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
- द्वितीय चरण (18 मई): सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों पर प्रदर्शन कर प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
- तृतीय चरण (25 मई): यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 25 मई से भोपाल में उपमुख्यमंत्री के बंगले के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए।
- पिछले 5 महीनों से लंबित वेतन का तुरंत भुगतान सुनिश्चित हो।
- उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर आउटसोर्सिंग के लिए निगम/मंडल का गठन किया जाए और रिक्त पदों पर अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए।
- विभाग में खाली पड़े समकक्ष पदों पर इन अनुभवी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- आउटसोर्स कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं ( सुरक्षा, बीमा और अन्य अनिवार्य) दी जाएं।






