मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि जब राजधानी भोपाल में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में उनकी सुरक्षा की स्थिति क्या होगी। उन्होंने पूछा कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?
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एमपी में महिला सुरक्षा को लेकर किए सवाल
उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि अपराधों के आंकड़े दूसरी तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम रही है। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार से पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा और बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से जवाब देने और अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
भोपाल में महिला अपराधों में 26.4 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों में भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 2,216 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में यह संख्या बढ़कर 2,801 हो गई। इस प्रकार दोनों अवधि के बीच 585 मामलों की वृद्धि हुई, जो लगभग 26.4 प्रतिशत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल में प्रतिदिन औसतन 10 महिलाएं अपराध का शिकार हो रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर राजधानी में ये स्थिति है तो अन्य स्थानों पर क्या हालात होंगे। इन आंकड़ों को महिला सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए है।
सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
उमंग सिंघार ने कहा कि वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में भोपाल में महिलाओं से संबंधित अपराधों के दर्ज मामलों में अपहरण के 505, बलात्कार के 301 और प्रताड़ना के 573 मामले शामिल हैं। उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और भाजपा सरकार से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी के बीच सरकार उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
