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अच्छी खबर, नगरीय निकायों के सेवानिवृत कर्मचारियों को भी राज्य शासन के पेंशनर्स के समान मिलेगी महंगाई राहत

Written by:Atul Saxena
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राज्य शासन ने मध्य प्रदेश के 4.50 लाख से ज्यादा पेंशनरों को दिवाली से पहले सौगात देते हुए महंगाई राहत में 2 से 6 फीसदी वृद्धि की है।
अच्छी खबर, नगरीय निकायों के सेवानिवृत कर्मचारियों को भी राज्य शासन के पेंशनर्स के समान मिलेगी महंगाई राहत

मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय के सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है, शासन ने अब उन्हें भी राज्य शासन के पेंशनरों की तरह ही महंगाई राहत देने का फैसला लिया है, इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने आदेश जारी कर दिए हैं।

राज्य शासन के इस निर्णय से नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को प्रभावी राहत मिलेगी तथा उन्हें राज्य शासन के पेंशनरों के समान आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत का लाभ मिल सके।

1 सितम्बर 2025 से देय होगी महंगाई राहत

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को राज्य शासन के पेंशनरों के समान महंगाई राहत का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार अब नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को 1 सितम्बर 2025 से देय महंगाई राहत सातवें वेतनमान में 55 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में 252 प्रतिशत की दर से प्राप्त होगा।

दिवाली से पहले राज्य के पेंशनर्स को मिली है सौगात 

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने मध्य प्रदेश के 4.50 लाख से ज्यादा पेंशनरों को दिवाली से पहले सौगात देते हुए महंगाई राहत में 2 से 6 फीसदी वृद्धि की है। शासन ने छठवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की मंहगाई राहत की दर को 6 फीसदी बढ़ाते हुए 246% से 252% कर दिया है। वहीं सातवें वेतनमान का लाभ ले रहे पेंशनर्स की डीआर 2 फीसदी बढ़ाते हुए 53% से बढ़ाकर 55% कर दी गई है। नई दरें सितंबर 2025 से लागू होंगी, ऐसे में अक्टूबर से खाते में बढ़ी हुई पेंशन राशि का लाभ मिलेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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