ये क्या महाराज, फिर हो गए नाराज! सिंधिया ने दोहराई क्रोनोलॉजी

ये क्या महाराज, फिर हो गए नाराज! सिंधिया ने दोहराई क्रोनोलॉजी

भोपाल

मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल थमने का नाम नहीं ले रही, अब एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने अपने ट्वीटर अकाउंट (twitter account) के प्रोफाइल पर अपनी जानकारी बदल ली है। और इसी के साथ अफवाहों का दौर फिर शुरू हो गया है।हलाकि समर्थकों ने इस बात का खंडन करते हुए कहा है की सिंधिया ने बीजेपी में जाने के बाद अपने प्रोफाइल पर कुछ लिखा ही नहीं है।

कांग्रेस (congress) छोड़कर बीजेपी (bjp) में शामिल होने के बाद सिंधिया (scindia) ने अपने ट्वीटर एकाउंट की प्रोफाइल में बीजेपी लीडर (bjp leader) लिखा था, लेकिन अब फिर उसे बदलकर बीजेपी नेता के स्थान पर समाजसेवी और क्रिकेट प्रेमी (social worker, cricket lover) लिख लिया है। हालांकि ये पहली बार नहीं है कि सिंधिया ने अपने ट्वीटर हैंडल (twitter handle) पर अपनी जानकारी में बदलाव किया हो। कांग्रेस छोड़ने के कुछ समय पहले भी सिंधिया ने अपने प्रोफाइल में कांग्रेस हटाकर समाजसेवी और क्रिकेट प्रेमी लिखा था। अब फिर वही क्रोनेलॉजी (chronology)दोहराई जाने से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। क्या बीजेपी में शामिल होने के करीब तीन महीने के भीतर ही उनका मोहभंग हो रहा है, ये कोई इशारा है या सिर्फ सामान्य रूप से ऐसा किया गया है। इन सब बातों पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव और मंत्रिमंडल विस्तार से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है।

हालाकि सिन्धिया समर्थक कह रहे है कि उन्होने कभी बीजेपी लिखा ही नही था। अब ये तो वक़्त ही बताएगा लेकिन फिलहाल सिंधिया के इस खबर से बीजेपी कुनबे में हलचल तेज़ है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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