भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार के भोजपुर जिले में प्रस्तावित बहुजन महापंचायत फिलहाल नहीं होगी। दरअसल आयोजन समिति ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए बताया कि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम को अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है। समिति के अनुसार, पहले सार्वजनिक मैदान और बाद में निजी जमीन पर आयोजन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन दोनों जगह अनुमति नहीं मिली। इसके साथ ही इलाके में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने के बाद कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं रह गया है।
दरअसल आयोजन समिति के सदस्य प्रेम मौर्या ने कहा है कि प्रशासन ने निजी परिसर में भी कार्यक्रम की मंजूरी नहीं दी। ऐसे में किसी भी तरह के विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए महापंचायत को फिलहाल टालने का फैसला लिया गया है। समिति का कहना है कि नई तारीख सरकारी निर्देश मिलने के बाद घोषित की जाएगी।
जानिए बहुजन महापंचायत क्यों बुलाई गई थी?
जानकारी दे दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद यह महापंचायत न्यायिक जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित की जा रही थी। आयोजन समिति का कहना था कि यह कार्यक्रम 24 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में आयोजित कथित सवर्ण महापंचायत के जवाब के रूप में प्रस्तावित था। बहुजन समाज से जुड़े कई संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों के इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई थी।
जानिए प्रशासन ने क्यों नहीं दी अनुमति?
हालांकि जिला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी आधार पर पहले स्कूल मैदान में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। बाद में आयोजकों ने निजी जमीन पर आयोजन की अनुमति मांगी, लेकिन प्रशासन ने वहां भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया। प्रशासन का कहना है कि किसी भी संभावित तनाव या अव्यवस्था को रोकना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जानिए क्या है मामला?
बता दें कि भरत तिवारी का 17 जून 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर हुआ था। इस घटना के बाद मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से कई सवाल उठाए गए। परिजनों और कुछ सामाजिक संगठनों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया को कानूनी बताया गया। फिलहाल इस मामले की न्यायिक जांच जारी है।






