भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। दरअसल केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।
दरअसल चिराग पासवान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने अमित शाह से मुलाकात के दौरान भोजपुर के आरा में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के साथ-साथ राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की हत्या का मुद्दा भी उठाया है। दरअसल उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। चिराग ने यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिले और जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर चिराग पासवान का बयान
दरअसल दिल्ली में गृह मंत्री से मुलाकात के बाद पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने एनकाउंटर को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के पास हथियार था या नहीं, यह जांच का विषय है और इसकी सच्चाई जांच एजेंसियां ही सामने लाएंगी। लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया था और उसके बाद भी उस पर गोली चलाई गई, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।
आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री @AmitShah जी से भेंट कर बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की निर्मम हत्या तथा आरा में पुलिस द्वारा भरत तिवारी की हत्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित… pic.twitter.com/w1O7BkcVJQ
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 2, 2026
कानून का पालन हर परिस्थिति में होना चाहिए: चिराग पासवान
वहीं चिराग पासवान ने कहा है कि ‘कानून का पालन हर परिस्थिति में होना चाहिए। यदि कोई आरोपी पुलिस के सामने सरेंडर करता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।’ उन्होंने साफ कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने के बाद ही सभी तथ्य सामने आएंगे। इसी वजह से उन्होंने केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है।
एनकाउंटर पर सियासत तेज
दरअसल भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर विपक्ष भी लगातार सवाल उठा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो पुलिस को उसे मारने का अधिकार नहीं है। उनके मुताबिक ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और अदालत ही आगे का फैसला करे। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच की भी मांग की है।






