बिहार की राजनीति में कई दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर मचा राजनीतिक घमासान अब थम गया है। राबड़ी देवी ने आखिरकार पटना स्थित अपना 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास छोड़ दिया है। इस आवास को खाली करने के लिए राबड़ी देवी को कई बार नोटिस मिल चुका था। गुरुवार को अब राबड़ी देवी पूरी परिवार के साथ कौटिल्य नगर में अपने निजी आवास में पहुंच गई हैं।
बता दें कि 22 जून को भवन निर्माण विभाग ने एक नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर परिसर खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से मना कर दिया था। राबड़ी देवी को साल 2005 में नीतीश कुमार की तत्कालीन सरकार ने यह बंगाला दिया था। पिछले करीब 20 सालों से राबड़ी देवी और उनका पूरा परिवार इसी बंगले में रह रहा था।
राबड़ी देवी ने 5 जुलाई तक का मांगा था समय
बता दें कि राबड़ी देवी वर्तमान में बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष हैं। जिसको देखते हुए साल 2026 सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद उन्हें 39 नंबर हार्डिंग रोड का बंगला दिया गया था लेकिन उन्होंने बंगला शिफ्ट करने से मना कर दिया था। उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी थी और कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह उन्हें बेदखल करके दिखाए।
हालांकि इसके बाद उन्हें 19 जून को अंतिम नोटिस दिया गया था। हालांकि बाद में नोटिस का जवाब देते हुए राबड़ी देवी ने सरकार को पत्र लिखते हुए 5 जुलाई तक का समय मांगा था लेकिन समय से पहले की राबड़ी देवी ने आवास खाली कर दिया।
मंत्री नंद किशोर राम को मिला यह आवास
जब सम्राट चौधरी ने बिहार की कमान संभाली और मंत्रिमंडल का विस्तार किया। तब उनके मंत्री नंद किशोर राम को 10 सर्कुलर रोड वाला बंगाला दिया गया था। चूंकि राबड़ी देवी अपने परिवार सहित वहां रह रहीं थी इसलिए उन्हें नोटिस जारी कर बंगाला खाली करने को कहा गया था। सरकार और आजेडी की ओर से इस मामले में लगातार बयानबाजी भी हुई। अंत में राबड़ी देवी ने बंगाला खाली कर दिया और अब भाजपा मंत्री नंद किशोर इस आवास में शिफ्ट होंगे।





