पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने कमर कस ली है। राज्य में हालही में हुए नगर निकाय चुनाव में आप को फिर से जनता का जनादेश प्राप्त हुआ जिससे पार्टी का मनोबल बढ़ गया। वहीं भाजपा ने भी अपना नया प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त कर केवल सिंह ढिल्लों को जिम्मेदारी सौंपी। इसी कड़ी में कांग्रेस ने बुधवार को पंजाब इकाई में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं, जिससे संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान की जा सके और चुनावी रणनीति को धार मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति चुनाव अभियान को गति देने और पार्टी के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि इन नियुक्तियों के बाद कांग्रेस में नाराजगी भी अब सामने आने लगी है। पार्टी के दिग्गज नेता और सांसद मनीष तिवारी ने खुलकर अपना दर्द बयां किया है। कांग्रेस की इस सूची में मनीष तिवारी के नाम का जिक्र तक नहीं है।
मनीष तिवारी ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर बयां किया दर्द
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है जिसके बाद सियासी महकमे में हड़कंप मच गया है। उन्होंने लिखा, है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे”। आगे मनीष तिवारी ने लिखा कि काश उनके पास कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा की दवा होती।
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को दशकों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। जो होना है, वह होकर रहेगा।
चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद है मनीष तिवारी
गौरतलब है कि मनीष तिवारी वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश जो पंजाब की राजधानी भी है चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से सांसद होने के बावजूद मनीष तिवारी को दरकिनार करना, कई सवाल खड़े कर रहा है। इससे पहले कांग्रेस नेता तिवारी 2019 से 2014 तक पंजाब की आनंदपुर साहिब सीट और 2009 से 2014 तक लुधियाना से सांसद रह चुके हैं। देखा जाए तो उनका पूरा राजनीतिक जीवन ही पंजाब में केंद्रित रहा है। फिर भी कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को कोई संगठनात्मक भूमिका नहीं दी गई। जहां कांग्रेस राज्य में वापसी के सपने देख रही है तो वहीं शीर्ष नेताओं के आपसी घमासान का नतीजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
है बड़ा कोई अवगुण उसमे जिसे कोई हुनर आवे I
Wish I had an antidote ( ਗਿੱਦੜ ਸਿੰਙੀ) for the insecurities of individuals and institutions!
Having said that @INCIndia has given me enough over the past 45 years and I have also devoted my entire adult life in the service of the…
— Manish Tewari (@ManishTewari) July 2, 2026





