बिहार चुनाव से पहले RJD को एक और झटका, मोहनिया सीट से श्वेता सुमन का नामांकन हुआ रद्द

मोहनिया विधानसभा सीट से RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लिया। वहीं, समान आरोप वाली जनसुराज पार्टी की गीता देवी का नामांकन वैध माना गया। श्वेता सुमन ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई का विरोध किया।
बिहार चुनाव से पहले RJD को एक और झटका, मोहनिया सीट से श्वेता सुमन का नामांकन हुआ रद्द

कैमूर जिले की मोहनिया विधानसभा सीट से आरजेडी की प्रत्याशी श्वेता सिंह ने दावा किया है कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, जब चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने उन्हें नामांकन रद्द होने की जानकारी दी तो बाहर निकलते ही श्वेता सुमन फूट-फूटकर रोने लगीं।

क्यों रद्द हुआ नामांकन?

कहा जा रहा है कि बीजेपी की शिकायत के बाद जांच में यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में आरोप था कि श्वेता सुमन ने 2020 के चुनाव में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का पता दाखिल किया था, जबकि इस बार उन्होंने बिहार का पता दिखाया है। निर्वाचन अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और पिछले नामांकन रिकॉर्ड की जांच के बाद यह फैसला लिया है।

निर्वाचन पदाधिकारी के सामने रखा पक्ष

इस आपत्ति पर सुनवाई के दौरान बुधवार को श्वेता सुमन को मोहनिया के निर्वाचन पदाधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। अपने पक्ष प्रस्तुत करने के बाद जब वे कमरे से बाहर आईं, तो उन्होंने कहा कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। श्वेता सुमन का कहना था कि यह कार्रवाई सरकार के इशारे पर जानबूझकर की गई है और उनका नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया।

जनसुराज की प्रत्याशी पर भी लगा था आरोप

श्वेता सुमन ने आरोप लगाया कि जनसुराज पार्टी की उम्मीदवार गीता पासी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि दोनों पर एक ही तरह का आरोप था। दोनों उम्मीदवारों पर यही आरोप था कि उनका मायके उत्तर प्रदेश में है और उन्होंने बिहार में जाति प्रमाण पत्र बनाकर आरक्षण का लाभ लिया। इसके बावजूद गीता पासी का नामांकन वैध मानते हुए स्वीकार किया गया, जबकि श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया।

जनसुराज की पार्टी का नामांकन वैध

मालूम हो कि राष्ट्रीय जनता दल की श्वेता सुमन और जनसुराज पार्टी की गीता देवी पर गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट का लाभ लेने की शिकायत हुई थी। इस मामले में मोहनिया के निर्वाचन पदाधिकारी अनिरुद्ध पांडे ने जनसुराज पार्टी की गीता देवी का नामांकन वैध बताते हुए स्वीकार किया, जबकि श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया।

श्वेता सुमन का विरोध

श्वेता सुमन ने चुनाव अधिकारियों के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि यह पूरी कार्रवाई सरकार के इशारे पर हुई है। उन्होंने चुनाव आयोग से न्याय की उम्मीद जताई और कहा कि उनके नामांकन को जानबूझकर रद्द किया गया है। उनका कहना है कि समान परिस्थितियों में दूसरे उम्मीदवार का नामांकन वैध माना गया, जबकि उनका नामांकन रद्द करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

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