विधानसभा में ‘ब्राह्मण’ शब्द पर बवाल, माले विधायक संदीप सौरव और BJP MLA में तीखी बहस, डिप्टी CM विजय सिन्हा ने दिया ये बयान

बिहार विधानसभा के शून्य काल में 'ब्राह्मण' शब्द के इस्तेमाल पर जमकर हंगामा हुआ। माले विधायक संदीप सौरव और बीजेपी विधायक मुरारी मोहन ठाकुर के बीच यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन पर चर्चा के दौरान तीखी नोकझोंक हो गई। इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी हस्तक्षेप करते हुए भूमिहार ब्राह्मण समाज से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया।
विधानसभा में ‘ब्राह्मण’ शब्द पर बवाल, माले विधायक संदीप सौरव और BJP MLA में तीखी बहस, डिप्टी CM विजय सिन्हा ने दिया ये बयान

पटना: बिहार विधानसभा में शून्य काल के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब ‘ब्राह्मण’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरव और भाजपा विधायक मुरारी मोहन ठाकुर के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को उंगली तक दिखाई। यह पूरा विवाद यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन को लागू करने की मांग के दौरान शुरू हुआ।

सदन में माले विधायक संदीप सौरव ने यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन को लागू करने और केंद्र से इस पर कानून बनाने की मांग का प्रस्ताव रखा। अपनी बात रखने के दौरान उन्होंने ‘ब्राह्मण’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर भाजपा विधायक मुरारी मोहन ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस बढ़ गई और सदन में हंगामा होने लगा।

क्यों शुरू हुआ यह विवाद?

दरअसल, संदीप सौरव सरकार से यूजीसी के दिशा-निर्देशों को लागू करने की मांग कर रहे थे ताकि शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले भेदभाव को रोका जा सके। इसी संदर्भ में उनकी टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया। हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी हस्तक्षेप किया और अपनी बात रखी।

सिन्हा ने कहा कि वह खुद भूमिहार ब्राह्मण समाज से आते हैं और उन्हें भी रैगिंग और भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इसी बहस के दौरान एक अन्य विधायक, रोमित कुमार ने 1931 की जनगणना का हवाला देते हुए भूमिहार ब्राह्मणों की आबादी के आंकड़ों में विसंगति का मुद्दा उठाया और सरकार से इस भ्रम को दूर करने के लिए कार्रवाई की मांग की।

‘अभिलेख में सुधार नहीं होगा’

विधायक रोमित कुमार द्वारा उठाए गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सदन को बताया कि जो रिकॉर्ड पहले से बने हुए हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

“अभिलेख में जो लिखा हुआ उसमें सुधार नहीं होगा। राजस्व भूमि सुधार विभाग के रिकॉर्ड में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, इसलिए इसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।”- विजय सिन्हा, उपमुख्यमंत्री

इस बीच, विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। राजद नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में अराजकता और अव्यवस्था का माहौल है और अपराधी सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि “जनता त्रस्त, अधिकारी भ्रष्ट और अपराधी मस्त हैं।”

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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