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एक फोन कॉल ने बदल दी बिहार की सियासत; जानिए कैसे मुकेश सहनी रातों-रात बने डिप्टी CM का चेहरा

Written by:Saurabh Singh
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बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में उप मुख्यमंत्री पद को लेकर मचा घमासान एक फोन कॉल से खत्म हुआ। अशोक गहलोत और राहुल गांधी की मध्यस्थता से मुकेश सहनी को डिप्टी CM का चेहरा घोषित किया गया। इस कदम ने टूट के कगार पर खड़े गठबंधन को एकजुट कर दिया।
एक फोन कॉल ने बदल दी बिहार की सियासत; जानिए कैसे मुकेश सहनी रातों-रात बने डिप्टी CM का चेहरा

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन में चल रही खींचतान ने पूरे गठबंधन को हिला दिया था। सीट बंटवारे और उप मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद चरम पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और एक फोन कॉल ने ऐसा चमत्कार किया कि कुछ ही घंटों में सारा समीकरण बदल गया। जो मामला टूट की कगार पर था, वो अब एकता के साथ नए जोश में बदल गया और मुकेश सहनी रातों-रात उप मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिए गए।

चुनाव से पहले महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ गया था। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के अलग होने की आशंका से स्थिति और बिगड़ रही थी। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पटना पहुंचे और उन्होंने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी से लगातार मुलाकातें कीं। गहलोत के हस्तक्षेप से माहौल कुछ शांत हुआ और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया।

डिप्टी CM को लेकर अड़े सहनी

तेजस्वी यादव के सीएम चेहरा घोषित होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी। डिप्टी CM पद का फैसला। VIP प्रमुख मुकेश सहनी साफ तौर पर मांग कर रहे थे कि उन्हें डिप्टी CM का उम्मीदवार घोषित किया जाए। तेजस्वी इसके पक्ष में नहीं थे और चाहते थे कि पूरा चुनाव उनके नाम पर लड़ा जाए। विवाद इतना बढ़ा कि सहनी ने चेतावनी दी। अगर उन्हें उप मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया गया तो वे गठबंधन से अलग हो जाएंगे।

कांग्रेस बनी संकटमोचक

तेजस्वी और सहनी के बीच तनाव को संभालने के लिए कांग्रेस ने मोर्चा संभाला। अशोक गहलोत ने दोनों नेताओं को बैठाकर समझाया कि पहले चुनाव जीतना जरूरी है, मुख्यमंत्री पद बाद में भी मिल सकता है। इसी दौरान VIP सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी को भी बातचीत में शामिल किया गया। कहा जा रहा है कि मुकेश सहनी ने राहुल गांधी से फोन पर बात की और उसी कॉल पर गहलोत से भी चर्चा कराई। बस, इसी फोन ने पूरे समीकरण बदल दिए और महागठबंधन ने सहनी को उप मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया।

गहलोत की ‘सियासी जादूगरी’ से बचा गठबंधन

कांग्रेस की मध्यस्थता और गहलोत के कुशल राजनीतिक संतुलन ने महागठबंधन को टूटने से बचा लिया। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी की एकजुट तस्वीर ने गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया। राजनीतिक गलियारों में अब इसे अशोक गहलोत की ‘सियासी जादूगरी’ कहा जा रहा है, जिन्होंने कुछ ही घंटों में असंभव लग रही डील को संभव बना दिया।