
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र में सियासत का पारा चढ़ गया है। यहां बीजेपी मंत्री और प्रत्याशी जीवेश मिश्रा के नाम से जुड़ी एक स्कॉर्पियो गाड़ी से भारी मात्रा में चुनावी प्रचार सामग्री बरामद हुई है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में हलचल मच गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी से बीजेपी चिन्ह वाली घड़ियां, पंपलेट और अन्य सामग्री मिली है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। इस खुलासे ने पूरे जाले विधानसभा में सियासी बहस को तेज कर दिया है।
गाड़ी से बरामद हुआ प्रचार सामग्री का जखीरा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह गाड़ी मस्का बाजार के पास धनकौल जाने वाली सड़क पर खड़ी थी। ग्रामीणों को शक हुआ तो उन्होंने उसे रोक लिया। जब अंदर झांका गया, तो गाड़ी में दर्जनों बॉक्स और थैले भरे पड़े थे। इनमें बीजेपी के चुनाव चिह्न वाली घड़ियां, पंपलेट, पोस्टर और प्रचार सामग्री पाई गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन वस्तुओं को मतदाताओं में बांटकर चुनाव को प्रभावित करने की तैयारी थी। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी ऋषि मिश्रा मौके पर पहुंचे और पुलिस को बुलाकर गाड़ी की जांच कराई।
बीजेपी प्रत्याशी जीवेश मिश्रा ने लगाए गए आरोपों को किया खारिज
इस घटना के बाद विपक्ष ने बीजेपी पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मंत्री और बीजेपी प्रत्याशी जीवेश मिश्रा ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि गाड़ी में मिली सभी वस्तुएं बिल के साथ खरीदी गई प्रचार सामग्री हैं, जिनका इस्तेमाल कानूनी रूप से प्रचार के लिए किया जाना था। मिश्रा ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद गठबंधन जनता में कमजोर पड़ चुके हैं, इसलिए अब वे ऐसे ओछे हथकंडों का सहारा ले रहे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर थाने ले जाकर सामग्री की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि सामग्री कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था। स्थानीय लोगों का मानना है कि कार्रवाई बिल्कुल सही है ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी बने रहें। इस घटना के बाद जाले विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है। दोनों ही दल अब जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले का असर चुनावी नतीजों पर पड़ता है या नहीं।
