Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में टिकटों का बंटवारा फाइनल! किस वर्ग के कितने उम्मीदवार मैदान में? समझिए पूरा जातीय समीकरण

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सभी उम्मीदवारों ने हुंकार भर दी है। एनडीए और महागठबंधन ने अपने उम्मीदवारों को सभी 243 सीटों पर उतार दिया है। इस बार दोनों की संगठनों ने जातिए समीकरण के आधार पर उम्मीदवारों को टिकट दिया है। जातिगत समीकरणों के आधार पर उम्मीदवारों को तय करने में आरजेडी, बीजेपी और जेडीयू को काफी मंथन करना पड़ा है। चलिए समझते हैं बिहार चुनाव में NDA और महागठबंधन के उम्मीदवारों का जातीय समीकरण कैसा है?
Bihar Assembly Elections 2025

Bihar Assembly Elections 2025

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के लिए प्रचार प्रसार तेजी से हो रहा है। NDA और महागठबंधन ने 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। NDA और महागठबंधन ने इस बार सामाजिक समीकरण के हिसाब से जातीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है। NDA में सीट शेयरिंग को लेकर काफी मंथन किया गया है। जिसके बाद NDA ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। तो वहीं महागठबंधन में तो अभी भी आपस में समन्वय नहीं बैठा है। हालांकि महागठबंधन ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। दोनों की संगठनों ने जानिए समीकरण का विशेष ध्यान रखा है।

बिहार की आबादी में वर्गों की हिस्सेदारी

बता दें कि ​चुनाव से पहले ही बिहार में जाति जनगणना का मुद्दा सुलग रहा है। महागठबंधन लगातार जाति जनगणना को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधता रहा है। ऐसे में चुनाव में भी इसका असर देखने को मिला है। वहीं बिहार में अगर आबादी की बात करें तो वो इस प्रकार है। बिहार की कुल आबादी में राजपूत – 3.45%, भूमिहार- 2.86%, ब्राह्मण- 3.65%, वैश्य- 2.31 %, दलित- 19.65%, अतिपिछड़ा- 36%, यादव- 14.26%, कोईरी- 4.2 1%, मुस्लिम- 17.70% प्रतिशत है।

NDA के वोट बैंक में सेंध मारेगा RJD का MY समीकरण?

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का MY समीकरण वोट बैंक के लिए परफेक्ट माना जाता है। RJD ने सोमवार को 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की। 52 यादव जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है। 18 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। 13 कुशवाहा उम्मीदवारों, अति पिछड़ी एवं अत्यंत पिछड़ी जातियों से 21, 20 अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार उतारे हैं। इतना ही नहीं राजद ने 16 अगड़ी जाति के उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें 7 राजपूत, 6 भूमिहार और 3 ब्राह्मण शामिल हैं। वहीं अगर देखा जाए तो आरजेडी ने 143 में से 70 सीटों पर यादव- मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।

JDU का पिछड़ा वर्ग पर फोकस

वहीं अगर इस बार बिहार चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की बात करें तो पार्टी ने इस बार पिछड़ा–अति पिछड़ा वर्ग पर विशेष ध्यान दिया है। JDU ने अपने 101 उम्मीदवारों में से पिछड़ा वर्ग के 37 और अति पिछड़ा तबके से आने वाले 22 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसमें कुशवाहा जाति से 13 और कुर्मी जाति से 12 उम्मीदवार शामिल हैं। 8 यादव उम्मीदवारों को भी JDU ने मैदान में उतारा है। धानुक जाति से आने वाले 8 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। तो वहीं सामान्य वर्ग के 22 उम्मीदवारों को JDU ने मौका दिया है। इनमें भूमिहार जाति से 9 उम्मीदवार, राजपूत जाति से 10 उम्मीदवार, ब्राह्मण से 1 और एक कायस्थ उम्मीदवार शामिल है।

इतना ही नहीं JDUने चार मुस्लिम उम्मीदवार भी मैदान में उतारे हैं। दलित बिरादरी को भी JDUने मौका दिया है मुसहर और मांझी समाज से आने वाले 5 उम्मीदवारों को JDU ने टिकट दिया है जबकि रविदास समाज से 5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अति पिछड़ी जातियों को भी JDU ने अपने टिकट बंटवारे में प्रतिनिधित्व दिया है। JDU के कुल 101 उम्मीदवारों में अलग-अलग जातियों से आने वाली 13 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।

बीजेपी का सामान्य वर्ग पर भरोसा

इस कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार चुनाव में सबसे ज्यादा भरोसा सामान्य वर्ग पर जताया है। बीजेपी के 101 उम्मीदवारों की लिस्ट में सबसे अधिक संख्या सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की है। बीजेपी ने कुल 49 सामान्य वर्ग के उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं इसमें सबसे अधिक राजपूत जाति के 21 उम्मीदवार, भूमिहार जाति के 16 उम्मीदवार, ब्राह्मण जाति से 11 उम्मीदवार और एक कायस्थ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

वहीं BJP ने उम्मीदवारों की सूची में बिहार से पिछड़ा वर्ग के 24 उम्मीदवार शामिल हैं, इसमें 6 यादव, 5 कुशवाहा, 2 कुर्मी, 4 बनिया, 3 कलवार, 3 सूढ़ी, 1 मारवाड़ी और 1 चनऊ जाति से है। अति पिछड़ा समाज के कुल 16 उम्मीदवारों को बीजेपी ने मौका दिया है। इसमें निषाद जाति से 1, तेली से 5, केवट जाति से 1, बिंद जाति से 1, धानुक जाति से 1, कानू जाति से 3, नोनिया जाति से 1, चंद्रवंशी जाति से 1, डांगी से 1 और चौरसिया जाति से 1 उम्मीदवार को जगह दी है। बीजेपी ने अनुसूचित जाति में सबसे अधिक उम्मीदवार पासवान जाति को दिए हैं। पासवान जाति के 7 उम्मीदवार, रविदास जाति के 3 और 1 मुसहर जाति के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति का 1 उम्मीदवार को जगह दी है।

VIP सूची में निषाद जाति के सबसे ज्यादा उम्मीदवार

बिहार विधानसभा चुनाव में मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने 15 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने मुकेश सहनी के छोटे भाई संतोष सहनी गौड़ा बौराम से मैदान में उतारा है। पार्टी ने सबसे ज्यादा निषाद जाति के 7 लोगों को टिकट दिया है। इसके अलावा, 3 यादव, 2 राजपूत और मुसहर, कुर्मी, अग्रहरि वैश्य से एक-एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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