
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 सितंबर, 2025 दिन गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेरोजगार स्नातकों को दो साल तक 1,000 रुपये प्रति महीने की वित्तीय सहायता देगी। यह कदम विस्तारित मुख्यमंत्री संकल्प स्वयं सहायता भत्ता योजना का हिस्सा है। योजना का उद्देश्य 20-25 आयु वर्ग के उन युवाओं को मदद पहुंचाना है, जो सक्रिय रूप से रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन किसी भी शैक्षणिक संस्थान में नामांकित नहीं हैं और न ही स्वरोजगार में संलग्न हैं। यह घोषणा युवाओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
स्नातक बेरोजगार युवाओं को मिलेगा भत्ता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अब तक यह योजना इंटर पास युवाओं तक सीमित थी, लेकिन अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत 20 से 25 साल के वे युवा, जो न तो आगे पढ़ाई कर रहे हैं और न ही नौकरी या स्वरोजगार में लगे हैं, उन्हें 1000 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जाएगी। यह राशि अधिकतम दो वर्षों तक मिलेगी। नीतीश ने बताया कि इसका मकसद युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास में मदद करना है।
एक्स पोस्ट में किया ऐलान
नीतीश कुमार ने इस योजना का ऐलान अपने एक्स पोस्ट के जरिए किया। उन्होंने लिखा, “मुझे उम्मीद है कि इस सहायता भत्ता का उपयोग युवक-युवतियां आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में करेंगे। इससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के लिए तैयार करने का बड़ा कदम है।
रोजगार और सरकारी नौकरियों पर फोकस
नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 से ही उनकी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना रही है। उन्होंने दोहराया कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि राज्य के युवा निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में अवसर पा सकें। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिक्षित युवा आत्मनिर्भर और दक्ष बनेंगे तो राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास की गति भी तेज होगी।
