बिहार राज्यसभा चुनाव के बाद JDU को बड़ा झटका, केसी त्यागी ने किया पार्टी छोड़ने का ऐलान, जानें क्या है वजह

बिहार राज्यसभा चुनाव के अगले दिन यानि मंगलवार को जेडीयू को बड़ा झटका लगा है। जेडीयू के सलाहकार और पूर्व राज्यसभा सांसद के.सी. त्यागी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। हालांकि अभी तक यह खबर सामने नहीं आई कि वह अन्य दल में शामिल होंगे या फिर अपनी खुद की पार्टी बनाएंगे।
KC Tyagi

पटना: बिहार की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सोमवार को एनडीए ने बिहार राज्यसभा चुनाव में पांचों सीटों पर जीत दर्ज की है तो वहीं अगले ही दिन मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को बड़ा झटका लगा है। जेडीयू के सलाहकार और पूर्व राज्यसभा सांसद के.सी. त्यागी ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। जिसके बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।

क्या यूपी की सियासत से जुड़ेंगे केसी त्यागी?

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है जिसको लेकर ऐसा भी माना जा रहा है कि त्यागी बिहार छोड़ अब यूपी की राजनीति में सक्रिय होंगे। हालांकि इस बात की अटकलें भी तेज हैं कि त्यागी अपनी पार्टी भी बना सकते हैं।

त्यागी ने क्यों छोड़ी जेडीयू?

केसी त्यागी जेडीयू के काफी वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। अब बिहार की राजनीति में चचाएं शुरू हो गईं हैं कि आखिर त्यागी ने पार्टी क्यों छोड़ी? हालांकि अभी ये साफ नहीं हुआ है कि वो कौन सी वजह है, जिसने केसी त्यागी को जेडीयू छोड़ने का फैसला लेने के लिए मजबूर कर दिया।

केसी त्यागी ने जारी किया बयान

केसी त्यागी ने लिखित रूप में एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा, जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) का गठन 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। उस समय जॉर्ज फर्नांडीस पार्टी के अध्यक्ष थे और उन्होंने महासचिव के रूप में उनके साथ काम किया। उन्होंने शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ भी पार्टी अध्यक्ष के रूप में काम किया है। इसके अलावा वे पार्टी के मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

आगे उन्होंने कहा कि पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। हालांकि, दलितों, किसानों और कृषि श्रमिकों सहित समाज के वंचित वर्गों के हितों से जुड़े व्यापक वैचारिक मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह ही मजबूत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान बरकरार है, जो पिछले लगभग आधी सदी से उनके साथी रहे हैं।

केसी त्यागी ने उठाई थी नीतीश को भारत रत्न देने की मांग

बता दें कि कुछ महीने पहले त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग भी उठाई थी हालांकि जेडीयू ने इस बयान को त्यागी का व्यक्तिगत बयान बताया था। त्यागी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि, पिछले साल जिस तरह से चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया गया। उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं।

उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए। त्यागी ने यह भी कहा था कि नीतीश कुमार का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव देश के लिए एक मिसाल रहा है और उनके कामों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए।

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Shyam Dwivedi
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