
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही वोटर अधिकार यात्रा पर कड़ा हमला बोला है। कुशवाहा ने इसे प्रभावहीन यात्रा करार देते हुए कहा कि यह शुरू से ही कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं कर सकी और इसका समापन भी बिना किसी नतीजे के होगा। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के भीतर असमंजस और राजनीतिक असंगति को उजागर करते हुए कहा कि जनता ऐसे गठबंधन से भ्रमित नहीं होगी। कुशवाहा ने एनडीए पर भरोसा जताते हुए कहा कि बिहार में आने वाले चुनाव में एनडीए बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा।
वोटर अधिकार यात्रा पर उपेंद्र कुशवाहा का हमला
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही वोटर अधिकार यात्रा शुरू से ही प्रभावहीन रही है। उन्होंने इसे ‘जीरो से शुरू होकर जीरो पर खत्म होने वाली यात्रा’ करार दिया। कुशवाहा का कहना था कि यह यात्रा केवल राजनीतिक शोबिज़ बनकर रह गई और इसमें कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन अपने झंडों और नारों के सहारे जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता पूरी तरह से सतर्क और समझदार है।
तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित करने पर प्रतिक्रिया
आरा में आयोजित सभा में राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। इस पर पलटवार करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने इसे विडंबना करार दिया। उनका कहना था कि जिस गठबंधन में तेजस्वी यादव शामिल हैं, उसमें कई दल हैं और जब उनसे सवाल किया जाता है तो वे जवाब देने की बजाय नजरें चुराते हैं। कुशवाहा ने कहा कि यह विरोधाभास जनता के लिए भ्रम पैदा कर रहा है।
इंडिया ब्लॉक में असमंजस का आरोप
कुशवाहा ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक पूरी तरह कन्फ्यूज़्ड है। उनका कहना था कि विपक्षी गठबंधन केवल हंगामा कर रहा है और यह सोचकर चल रहा है कि जनता को गुमराह किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता समझदार है और किसी के झांसे में नहीं आने वाली है। कुशवाहा का यह भी कहना था कि विपक्षी प्रयास सफल नहीं होंगे और गठबंधन का भ्रम जनता पर असर नहीं डालेगा।
अखिलेश यादव पर टिप्पणी
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें दूसरों की चिंता छोड़कर अपनी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अखिलेश यादव बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करने के बजाय उत्तर प्रदेश की समस्याओं और अपने संगठन पर ध्यान दें।
