निर्वाचन आयोग ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रकाशित मतदाता सूचियों के मसौदे से हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम सोमवार (18 अगस्त, 2025) को सार्वजनिक कर दिए। यह कदम चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर संशोधन ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसी बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता पर हमला बोला और उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
तेजस्वी यादव ने सीईसी पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा, “हम ज्ञानेश गुप्ता जी से कहना चाहते हैं कि सबसे पहले उन्हें हलफनामा दाखिल करना चाहिए जिसमें यह घोषित किया जाए कि सेवानिवृत्ति के बाद वे भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित किसी भी पद को स्वीकार नहीं करेंगे और खुद को सेटल करने के लिए कोई पद नहीं मांगेंगे। दूसरा, उन्हें यह भी हलफनामा दाखिल करना चाहिए कि वे देश छोड़कर नहीं भागेंगे।” उनका कहना था कि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जनता के विश्वास में सुधार होगा।
चुनाव आयोग पर बचकाने उदाहरणों का आरोप
आरजेडी नेता ने चुनाव आयोग पर लगातार बचकाने उदाहरण पेश करने का आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने कहा, “पूरे देश के सामने सच्चाई आ गई है कि किस प्रकार से चुनाव आयोग बेईमानी पर बेईमानी कर रहा है। इलेक्शन कमीशन के पास कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस का कोई जवाब नहीं था। बचकाने उदाहरण लगातार दिए जा रहे हैं। इससे बेहतर बहाना तो नर्सरी के बच्चे भी दे सकते थे।” उन्होंने कहा कि आयोग का रटा-रटाया बयान पीएमओ और अमित शाह के निर्देशों पर आधारित लगता है।
गयाजी में वोटर अधिकार यात्रा
तेजस्वी यादव ने यह बयान गयाजी में दिया, जहां वोटर अधिकार यात्रा सोमवार को पहुंची। इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य आदि मौजूद थे। राहुल गांधी के पहुंचते ही सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ गई। यह यात्रा रविवार से सासाराम से शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और वोटर सूची में हो रहे बदलावों के प्रति सचेत करना है। तेजस्वी यादव और उनके साथी इस यात्रा के जरिए बिहार की जनता के बीच अपनी सक्रियता और चेतावनी संदेश पहुँचा रहे हैं।





