
पटना में शनिवार को बीजेपी दफ्तर के बाहर विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य कारण उनकी बर्खास्तगी को वापस दिलाना और 60 वर्ष तक नियमित नौकरी की मांग है। ये संविदा कर्मचारी 16 अगस्त से हड़ताल पर हैं और पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आगमन से पहले अपनी आवाज बुलंद करना चाहते थे। जेपी नड्डा पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने आए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है और अब उनका धैर्य समाप्त हो चुका है।
विजय सिन्हा से मुलाकात
बीजेपी दफ्तर के बाहर संविदा कर्मियों से बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत रहने और विभागीय मंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। विजय सिन्हा ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन करने से मामले की जटिलता बढ़ सकती है। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने उन्हें अपनी समस्याओं और बर्खास्तगी के बारे में विस्तार से बताया। दो दिन पहले भी संविदा कर्मियों ने इसी स्थान पर प्रदर्शन किया था, जिसमें कुछ कर्मियों को पुलिस ने रोकने के प्रयास में लाठियां चलाई थीं।
सेवा बहाली का निर्णय
राजस्व विभाग ने संविदा कर्मियों की बड़ी राहत दी है। जिनकी सेवा हड़ताल के कारण समाप्त कर दी गई थी, उन्हें दोबारा बहाल किया जा रहा है। इसमें विशेष सर्वेक्षण अमीन, कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और लिपिक वर्ग के संविदाकर्मी शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि अब ये कर्मी अपील अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अपील के लिए कार्यालय में आकर या ईमेल के माध्यम से appealdlrs@gmail.com पर आवेदन भेज सकते हैं। यह प्रक्रिया संविदा कर्मियों को न्याय दिलाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई है।
अपील प्रक्रिया और आगे की जानकारी
राजस्व विभाग ने कहा कि अब तक 100 से अधिक संविदा कर्मियों ने अपनी सेवा वापसी के लिए अपील अभ्यावेदन जमा किए हैं। अन्य बर्खास्त संविदाकर्मियों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सूचित किया गया है। विभाग का यह कदम संविदा कर्मियों की चिंता को दूर करने के लिए उठाया गया है। इससे उनके हक सुरक्षित होंगे और आगामी कार्यकाल में वे नियमित तौर पर अपने पद पर सेवा कर सकेंगे। इस फैसले से संविदा कर्मियों में राहत और संतोष की भावना पैदा हुई है।
