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Bihar Elections 2025: नीतीश के बेरोजगारी भत्ते के ऐलान से बदलेगा खेल या तेजस्वी की कलम लाएगी बाजी?

Written by:Deepak Kumar
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Bihar Elections 2025: नीतीश के बेरोजगारी भत्ते के ऐलान से बदलेगा खेल या तेजस्वी की कलम लाएगी बाजी?

बिहार विधानसभा चुनाव करीब आते ही युवाओं पर राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ गया है। राज्य की आबादी में लगभग 60% युवा हैं, जिन्हें लेकर सियासी जंग तेज हो गई है। मोकामा में तेजस्वी यादव अपनी गाड़ी पर खड़े होकर युवाओं को कलम बांटते नजर आए, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार युवाओं को हर महीने भत्ता देने का बड़ा ऐलान कर दिया। इससे साफ है कि दोनों ही नेता युवाओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं और इसी को लेकर बहस तेज हो गई है।

तेजस्वी की योग्यता पर सियासत

युवाओं के मुद्दे को लेकर अब एनडीए और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एनडीए नेताओं ने तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि एनडीए सरकार ही युवाओं के भविष्य की चिंता कर रही है और बेरोजगारी भत्ते से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नौंवी फेल तेजस्वी यादव कलम फेंक रहे हैं, और अगर जनता उन्हें बेरोजगार कर देगी तो उन्हें भी आवेदन कर बेरोजगारी भत्ता लेना पड़ेगा।

जेडीयू का तेजस्वी पर वार

वहीं जेडीयू नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज तेजस्वी यादव को कलम बांटने की जरूरत क्यों पड़ी, इसका गुनहगार कौन है? जिस उम्र में उन्हें खुद कलम पकड़नी चाहिए थी, उस समय उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को रोजगार देना नीतीश मॉडल का हिस्सा है और अब सरकार की योजनाओं से उन्हें वास्तविक लाभ मिलेगा। नीरज कुमार के इस बयान से यह साफ हो गया कि जेडीयू बेरोजगारी भत्ते को चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल करने के मूड में है।

विपक्ष ने नीतीश सरकार पर लगाया प्रलोभन का आरोप

दूसरी ओर कांग्रेस और आरजेडी नीतीश सरकार पर युवाओं को लुभाने का आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद माधव ने कहा कि केवल 1000 रुपये का भत्ता और लैपटॉप देकर 60% युवाओं को लुभाया नहीं जा सकता। जनता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार बैठी है। वहीं आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि एनडीए सरकार की विदाई तय है। चुनाव से पहले की गई घोषणाएं सिर्फ जुमला साबित होंगी और अंततः बिहार की जनता बदलाव लाकर तेजस्वी यादव को सत्ता में बैठाएगी।