पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद अब पार्टी टूटने लगी है। पार्टी के कई सांसद और विधायक बागी हो गए हैं और अपना गुट बना लिया है। पिछले 4 दिनों में 4 राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यानि राज्यसभा में टीएमसी की ताकत कमजोर हो गई है। टीएमसी पर मंडराए इस संकट पर बयानबाजी भी तेज हो रही है। इस बीच, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर दरियापुर के ब्रह्मस्थान मंदिर में पूजा की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए टीएमसी और ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने टीएमसी में टूट पर कहा कि जब भी कोई राजनीतिक दल घमंड दिखाता है, तो जनता उसे करारा जवाब देती है। आज पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी और ममता बनर्जी के घमंड को तोड़ दिया है। उनकी पार्टी आगे कितनी कमजोर होगी, यह कहना मुश्किल है, लेकिन लगातार नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं, जिससे टीएमसी का जनाधार कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा, यह सभी राजनीतिक दलों के लिए एक सबक है। मैंने सुना है कि ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ जाने पर विचार कर सकती हैं, लेकिन यह उनका राजनीतिक फैसला है। हालांकि, बंगाल और देश की जनता उनके शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और गलत कार्यों के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
अभी तक टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसद दे चुके हैं इस्तीफा
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस में नेताओं के पलायन का दौर लगातार जारी है। अब तक टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जिसमें सुखेंदु शेखर, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक का नाम शामिल है।
बता दें कि टीएमसी के कई नेता पार्टी छोड़ते नजर आ रहे हैं। लोकसभा से भी 20 सांसद अलग हो चुके हैं, हालांकि उनकी पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है। विधानसभा की बात करें तो, कुल 80 टीएमसी विधायकों में से 58 विधायकों ने एक अलग गुट बना लिया है। इन बागी विधायकों ने ऋतुब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। इन विधायकों की सूची भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कल्याण बनर्जी ने भी हुए नाराज
इस बीच, टीएमसी में अंदरूनी असंतोष भी खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कथित फर्जी हस्ताक्षर विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। कल्याण बनर्जी ने कहा, ममता दीदी को यह तय करना होगा कि वे मेरे साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। अभिषेक बनर्जी को वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। उनका व्यवहार बेहद अहंकारी है और इसी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ है।
उन्होंने आगे कहा, यदि ममता दीदी को केवल अभिषेक बनर्जी पर ही भरोसा करना है, तो वे उनके साथ रहें और मुझे छोड़ दें। लेकिन यदि वे अलग रास्ता चुनती हैं, तो मैं ममता दीदी के साथ खड़ा हूं। जानकारी के लिए बता दे कि कल्याण बनर्जी ममता के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक हैं।
#WATCH | Patna, Bihar: BJP MP Ravi Shankar Prasad says, “Whenever a party displays arrogance, the public gives a befitting reply to that arrogance. Today, the people of Bengal have shattered the arrogance of the TMC and Mamata Banerjee. It is difficult to say just how badly her… https://t.co/tzaOlLStKA pic.twitter.com/gV3uovhyKm
— ANI (@ANI) June 11, 2026





