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बिहार में मुख्यमंत्री के भाषण के बाद बवाल, विपक्ष का सदन से वॉकआउट, जानें क्या रही वजह

Written by:Shyam Dwivedi
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बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सदन को संबोधित किया। इसके बाद विपक्ष को जब संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका नहीं मिला तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया और कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
बिहार में मुख्यमंत्री के भाषण के बाद बवाल, विपक्ष का सदन से वॉकआउट, जानें क्या रही वजह

बिहार विधान परिषद में गुरुवार का दिन हंगामे से भरा रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सदन को संबोधित किया। जब नीतीश अपना भाषण दे रहे थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और विपक्ष पर बरस पड़े। सीएम ने कहा कि हम इतना काम करते हैं तो आप लोग क्यों नहीं करते। सीएम ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष खासकर आरजेडी पर निशाना साधा।

सीएम ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है। हम 20 वर्षों से लगातार विकास के कार्यों में लगे हुए है। बिहार का विकास करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य रहा है। अब राज्य में शांति और प्रेम भाईचारे का माहौल है। जनता के अंदर किसी भी प्रकार का भय नहीं है। नीतीश ने कहा कि पहले कितना हिंदू-मुस्लिम होता था लेकिन अब किसी भी प्रकार का झगड़ा देखने को ​नहीं मिलता है।

सदन में विपक्ष का हंगामा

इसके बाद विपक्ष को जब संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका न मिलने पर हंगामा कर दिया। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि संशोधन प्रस्ताव समेकित रूप से ले लिया गया है। सदन के नेता के बोलने के बाद जरूरत हुई तो इसपर बोलने का मौका दिया जाएगा। हालांकि विपक्ष ने इस पर विरोध जताया।

विपक्ष का सदन से वॉकआउट

सभापति के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी समेत विपक्ष के सभी सदस्य सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन से संशोधन प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया। वहीं धन्यवाद प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।

सदन की कार्यवाही स्थगित

वॉकआउट के कारण चर्चा में विपक्ष की गैर-मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को और भी राजनीतिक रंग दे दिया। कई सदस्यों का मानना है कि यह टकराव आगे भी सदन की कार्यवाही में असर डालेगा। सभापति ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।