समस्तीपुर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को समस्तीपुर की धरती से ₹827 करोड़ की 188 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर विकास का एक बड़ा संदेश दिया है। सरायरंजन के नरघोघी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में CM नीतीश ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का एजेंडा केवल विकास, सुशासन और समावेशी तरक्की है। इस कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी की मौजूदगी ने और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
प्रशासनिक ढांचे को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कुल ₹471 करोड़ की 71 योजनाओं का शिलान्यास किया, जिसमें प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत 10 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय और तीन प्रखंडों में आवासीय परिसर के साथ कार्यालयों का निर्माण होगा।
इसके अलावा, 40 पंचायत सरकार भवनों की नींव भी रखी गई, जिससे स्थानीय शासन को मजबूती मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस केंद्र में 200 महिला सिपाहियों के लिए बैरक और पूसा, बंगरा व चकमहेसी में भी महिला सिपाही बैरक बनाने की घोषणा की गई।
ग्रामीण संपर्क और विकास पर जोर
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत 84 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 योजनाओं पर काम शुरू किया गया है। इनमें 42 ग्रामीण सड़कें और एक महत्वपूर्ण पुल शामिल है। हरपुर सिंघिया से नत्थूद्वार और बुजुर्गद्वार तक सड़कों का जाल बिछाने की योजना को सीधे तौर पर ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, करेह नदी के माहेघाट पर एक उच्चस्तरीय RCC पुल के शिलान्यास से क्षेत्र में आवागमन और संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अफसरशाही को सख्त संदेश
समस्तीपुर आगमन पर मुख्यमंत्री ने दरभंगा को जोड़ने वाले एक निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर लगे विभिन्न विभागों के विकास स्टॉलों का जायजा लेकर नीतीश कुमार ने यह भी संकेत दिया कि सरकार की नजर हर परियोजना पर है। कुल मिलाकर समस्तीपुर से शुरू हुई यह पहल बताती है कि बिहार की राजनीति में अब मुकाबला नारों से ज्यादा जमीन पर हुए कामों और उनके आंकड़ों पर होगा।





