बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी 16 जनवरी से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘समृद्धि यात्रा’ शुरू कर रहे हैं। यात्रा का आगाज पश्चिम चंपारण जिले से होगा। विधानसभा चुनाव के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला राज्यव्यापी दौरा है, जबकि मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनकी 16वीं यात्रा है। इस दौरान सीएम नीतीश विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।
यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री पश्चिम चंपारण में 153 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे 29 करोड़ रुपये की 36 अन्य योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। यात्रा के समन्वय की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।
पहले चरण में 9 जिलों का दौरा
मुख्यमंत्री की यह यात्रा कई चरणों में होगी। पहले चरण में वे आठ दिनों में नौ जिलों का दौरा करेंगे। यह चरण 16 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी को वैशाली जिले में समाप्त होगा। हालांकि, कार्यक्रम में एक मामूली बदलाव भी किया गया है। नए शेड्यूल के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब 21 जनवरी को सारण और 22 जनवरी को सीवान जिले का दौरा करेंगे, जबकि पहले इसका उल्टा कार्यक्रम था।
विकास योजनाओं की होगी समीक्षा
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पिछली ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान शुरू की गई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठकों में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसे लेकर पहले ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस सीधे जनता से जुड़ी योजनाओं पर रहेगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- नि:शुल्क दवा की उपलब्धता
- भूमि विवाद निपटारे की स्थिति
- ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे की उपलब्धता
- पंचायत सरकार भवन और मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना
- जीविका समूह और राशन कार्ड से जुड़े मामले
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कुशल युवा कार्यक्रम
इन सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी और जरूरी निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।





