रंगों के त्योहार होली को लेकर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दी गई है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत, राज्य भर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और सभी पुलिसकर्मियों के सामान्य अवकाश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट निर्देश है कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों से पूरी सख्ती से निपटा जाए। इस बाबत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर सतर्क रहने को कहा गया है।
हजारों अतिरिक्त जवान मैदान में उतरे
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस बल के अलावा बड़े पैमाने पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। इसमें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (B-SAP) की 31 कंपनियां, अर्द्धसैनिक बल की 3 कंपनियां और रिजर्व बल की 12 कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही, 2768 प्रशिक्षु सिपाही और 5100 होमगार्ड के जवानों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में फ्लैग मार्च करने और गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
प्रशासन की नजर सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी है। पुलिस की टीमें भड़काऊ पोस्ट करने वालों या अफवाह फैलाने वालों की लगातार निगरानी कर रही हैं। किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव या जबरन रंग डालने की घटना को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (Quick Response Teams) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
होलिका दहन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी
यातायात पुलिस ने सुरक्षित होलिका दहन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि होलिका दहन हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर करें, ताकि कोई हादसा न हो।
जारी गाइडलाइन के मुताबिक, होलिका दहन ऐसी जगह पर न करें जहां ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हों या पास में ट्रांसफार्मर हो। साथ ही, झुग्गी-झोपड़ी या गेहूं के खलिहान के पास इसे करने से बचें। होलिका दहन की ऊंचाई 10 फीट से ज्यादा नहीं रखने की सलाह दी गई है और उसमें किसी भी तरह का ज्वलनशील पदार्थ डालने की मनाही है। एहतियात के तौर पर पास में कम से कम एक हजार लीटर पानी (दो ड्रमों में) रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में अग्निशमन केंद्र, स्थानीय थाने या जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित किया जा सकता है।





