वैशाली: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, और इसका केंद्र बने हैं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव। अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान तेज प्रताप ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी, जनशक्ति जनता दल, आगामी तिरहुत स्नातक एमएलसी चुनाव में उतरेगी।
विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका था जब तेज प्रताप यादव राघोपुर पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक इरादे स्पष्ट कर दिए और चुनाव लड़ने के अपनी पार्टी के फैसले पर जोर दिया। इस ऐलान के बाद RJD के भीतर और बाहर नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
तेजस्वी के गढ़ में तेज प्रताप का ऐलान
तेज प्रताप यादव का यह दौरा और घोषणा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। राघोपुर विधानसभा सीट लालू परिवार का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। यहां से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और वर्तमान में तेजस्वी यादव चुनाव जीतते आए हैं। ऐसे में तेजस्वी के ही क्षेत्र में जाकर अपनी अलग पार्टी से चुनाव लड़ने का ऐलान एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
पटना से पासवान चौक होते हुए जब तेज प्रताप बिदूपुर प्रखंड के रहीमापुर पहुंचे, तो उनकी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम कुमार यादव ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उनका स्वागत किया। तेज प्रताप ने कहा कि राघोपुर के लोगों ने उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था और यहां के लोग बहुत अच्छे हैं।
कौन होगा जनशक्ति जनता दल का उम्मीदवार?
जब तेज प्रताप से उम्मीदवार को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर अपनी पार्टी के चुनाव लड़ने की बात दोहराई।
“तिरहुत स्नातक पद के लिए हमारी पार्टी से उम्मीदवार बनाए जाएंगे।”- तेज प्रताप यादव
इस घोषणा के बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई है कि उनके करीबी और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम कुमार यादव को तिरहुत स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि, अभी तक किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। गौरतलब है कि तेज प्रताप पहले भी राघोपुर में सक्रिय रहे हैं, चाहे वह विधानसभा चुनाव में प्रचार हो या बाढ़ के समय लोगों की मदद करना।





