
बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने सीवान के दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार को फिर से सक्रिय राजनीति में ला दिया है। हिना शहाब को आरजेडी अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया है, जबकि उनके बेटे ओसामा शहाब की टिकट लगभग पक्की कर दी गई है। इससे पार्टी का मकसद है मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करना और सीवान समेत आसपास के जिलों में अपनी पकड़ दोबारा बनाना।
हिना शहाब की वापसी और बड़ी जिम्मेदारी
बीते मंगलवार को आरजेडी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली अशरफ फातमी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची जारी की। इसमें हिना शहाब को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। हिना पहले भी 2009, 2014 और 2019 में आरजेडी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। शहाबुद्दीन के निधन के बाद परिवार ने आरजेडी से दूरी बना ली थी, लेकिन 2024 में हिना ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद एक बार फिर पार्टी में वापसी की।
ओसामा शहाब का चुनावी डेब्यू तय
सीवान में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान ओसामा शहाब ने जनता से आशीर्वाद मांगा। मंच पर विधायक हरिशंकर यादव ने उन्हें पगड़ी पहनाकर चुनावी सफर का औपचारिक ऐलान किया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने भी पुष्टि की कि लालू और तेजस्वी यादव ने ओसामा को रघुनाथपुर सीट से चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी है।
मुस्लिम वोट बैंक पर नजर
बिहार की राजनीति में मुस्लिम समुदाय का 17% वोट बेहद अहम है। शहाबुद्दीन परिवार की नाराजगी के बाद आरजेडी को उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में नुकसान हुआ था। हिना शहाब को बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने इस वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
सीवान में गरमाई सियासत
हिना शहाब की वापसी और ओसामा की एंट्री ने सीवान की राजनीति को गर्मा दिया है। आरजेडी को उम्मीद है कि इससे पार्टी को मजबूत आधार मिलेगा और शहाबुद्दीन का पुराना प्रभाव फिर से जीवित होगा।
