
बिहार में एक बार फिर NDA ने प्रचंड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है तो वहीं महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। ऐसे में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। सोशल मीडिया पर चुनाव से पहले के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। नतीजों को 4 दिन बीत गए और अब जाकर प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने आकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
प्रशांत किशोर ने मांगी माफी
प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माफी मांगी और प्रायश्चित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन में कामयाब नहीं रहे लेकिन राजनीति बदलने में कुछ कामयाब जरूर रहे, कुछ कमी जरूर रही होगी शत प्रतिशत जिम्मेदारी मेरी है जिसे मैं स्वीकार करता हूं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरे पास कोई पद नहीं है, तो मुझे किस पद से इस्तीफा देना चाहिए? मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बिहार छोड़ दूंगा, बिहार में रहेंगे। मैंने कहा था कि मैं पॉलिटिक्स नहीं करूंगा और उस बात पर कायम हूं।
प्रशांत किशोर से कब की थी राजनीति छोड़ने की बात?
जानकारी के लिए बता दें कि प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर विधानसभा चुनाव के नतीजों में जनता दल यूनाइटेड जेडीयू की 25 सीटें भी नहीं आएंगी। अगर 25 सीट भी आ गई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। नतीजों में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे उन्होंने कहा कि वह जो करते हैं, वह पॉलिटिक्स नहीं है, लोगों की आवाज उठाना पॉलिटिक्स नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कभी नहीं कहा कि बिहार के लोगों की बात उठाना छोड़ देंगे। ये नहीं कहा कि 30 हजार रुपये में वोटर खरीदेंगे। प्रशांत ने यह भी कहा कि अगर सरकार महिलाओं को 2-2 लाख रुपये दे देती है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोच रहे हैं कि मैं बिहार छोड़ दूंगा, तो वो भ्रम में न रहें। कोई तब तक नहीं हारता, जब तक छोड़ता नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार को सुधारने की जिद पूरी न कर लें, तब तक बिहार छोड़ेंगे नहीं।
20 नवंबर को मौन व्रत रखेंगे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे जनता को यह समझाने में असफल रहे कि वोट किस आधार पर देना चाहिए और नई व्यवस्था क्यों जरूरी है। इसके लिए वे 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन व्रत रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमसे गलतियां हुई होंगी, लेकिन अपराध नहीं किया है। हमने न जाति-आधारित जहर फैलाया, न हिंदू-मुस्लिम की राजनीति की। न धर्म के नाम पर बांटा और न वोट खरीदने का अपराध किया। साथ ही कहा कि भले ही वे जनता का भरोसा जीतने में सफल हुए लेकिन बिहार को बेहतर बनाने का उनका संकल्प पहले से भी अधिक मजबूत है।
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
