Tej Pratap Yadav: अगर तेजस्वी यादव महुआ से लड़े तो फिर क्या करेंगे तेज प्रताप?

Tej Pratap Yadav: अगर तेजस्वी यादव महुआ से लड़े तो फिर क्या करेंगे तेज प्रताप?

आरजेडी से निकाले जाने के बाद लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने 2025 विधानसभा चुनाव में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत का ऐलान कर दिया है। तेज प्रताप ने साफ कर दिया है कि वे महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे और इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में उन्होंने तेजस्वी यादव, भाई वीरेंद्र विवाद और अपनी भविष्य की रणनीति पर खुलकर बात की।

महुआ से लड़ने का ऐलान, तेजस्वी को दी नसीहत

तेज प्रताप यादव ने कहा, “मैं महुआ सीट से चुनाव लड़ूंगा। वहां टूर्नामेंट होगा। मैंने वहां काम किया है।” 2015 में भी तेज प्रताप ने महुआ से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी, जबकि वर्तमान में वे हसनपुर से विधायक हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर तेजस्वी यादव भी महुआ से चुनाव लड़ते हैं तो क्या करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया – “तेजस्वी अर्जुन हैं तो अर्जुन ही रहें। क्या खिलाफ होगा, ये अभी नहीं हो सकता।” उन्होंने तेजस्वी को राघोपुर से चुनाव लड़ने की सलाह दी और कहा कि वे अपने तय क्षेत्र से ही मैदान में उतरें।

भाई वीरेंद्र पर फिर साधा निशाना

तेज प्रताप यादव ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र को लेकर फिर से हमला बोला। उन्होंने कहा, “आरजेडी को भाई वीरेंद्र जैसे विधायकों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उनको खुद जेल जाना चाहिए। मुझे निकाल दिया, पर भाई वीरेंद्र जैसे और लोग हैं, सबको निकालें।”
गौरतलब है कि भाई वीरेंद्र और पंचायत सचिव के बीच हाल ही में विवाद हुआ था, जिसका ऑडियो वायरल हो गया था। तेज प्रताप के इस बयान को इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

परिवार से दूरी, संगठन से अलगाव

तेज प्रताप ने स्वीकार किया कि उनका मां-पिता से बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए वे चुनाव-प्रचार में आएंगे या नहीं, ये पता नहीं है। मैं अब उस संगठन का हिस्सा नहीं हूं।”
मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा, “जनता बनाती है और जनता ही बिगाड़ती है। कुर्सी आती-जाती रहती है।” उनके इस बयान से साफ है कि वे इस चुनाव में अपने बलबूते मैदान में उतरने का इरादा रखते हैं।

भविष्य की राजनीति पर नजर

तेज प्रताप यादव अब महुआ में पुराने नेटवर्क और समर्थकों के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने 2015 में इस सीट से जीत हासिल कर राजनीति में कदम रखा था, जबकि 2020 में हसनपुर से चुनाव लड़े थे। आरजेडी से अलग होने के बाद यह पहला मौका होगा जब वे किसी चुनाव में स्वतंत्र रूप से या नए राजनीतिक मंच से उतरेंगे। महुआ में उनकी सक्रियता और लगातार बयानबाजी से साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।

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