जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस अधीक्षक (SP) अपराजित लोहान ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए पांच थानाध्यक्षों समेत कुल 38 पुलिस पदाधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी। यह सख्त कार्रवाई जिले में लंबित कांडों की बढ़ती संख्या और अनुसंधान कार्यों में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ की गई है।

मामला ग्राम प्लेक्स भवन में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक का है। बैठक के दौरान एसपी ने विभिन्न थानों में लंबित मामलों की समीक्षा की और पाया कि कई अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। इसी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने यह कड़ा फैसला सुनाया।

क्राइम मीटिंग में एसपी ने जताई नाराजगी

जानकारी के अनुसार, एसपी अपराजित लोहान ने क्राइम मीटिंग में थानों में लंबित कांडों और जांच में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से नगर थाना में बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए, जिसके बाद नगर थानाध्यक्ष उमेश प्रसाद के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, नगर थाने के कई अन्य अनुसंधानकर्ताओं को भी इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

इस कार्रवाई की जद में कुल पांच थानों के अध्यक्ष आए हैं, जिनमें हुलासगंज, पाली, और ओकरी थाना भी शामिल हैं। इन पांच थानाध्यक्षों के अलावा 38 विभिन्न मामलों के अनुसंधानकर्ता (IO) भी हैं, जिनके वेतन पर रोक लगाई गई है।

संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी और कड़ी कार्रवाई

एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में सभी 38 पुलिस पदाधिकारियों से इस लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसपी अपराजित लोहान ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

“पुलिस के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी पदाधिकारी अपने कर्तव्य पालन में ढिलाई बरतेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”- अपराजित लोहान, पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद

इस बैठक में एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने थानों में लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करने, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, लाल वारंट से जुड़े मामलों को निपटाने और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। साथ ही, उन्होंने थाना क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कसने का सख्त निर्देश दिया। एसपी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में अनुशासन और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर दबाव बढ़ गया है।