
झालावाड़ स्कूल हादसे में बच्चों की मौत के बाद उचित मुआवजा न मिलने से नाराज नरेश मीणा जयपुर के शहीद स्मारक पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके साथ पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी धरने में शामिल हैं। नरेश मीणा ने सरकार से मांग की है कि पूर्ववर्ती सरकार की तरह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मृत बच्चों के परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दें। उनका कहना है कि हादसे से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देकर ही न्याय दिया जा सकता है।
हजारों समर्थकों ने दिया साथ
नरेश मीणा ने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे शहीद स्मारक पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचें। अपील के बाद सोमवार को हजारों की संख्या में लोग उनके समर्थन में स्मारक पर जमा हुए। समर्थकों ने नारे लगाए और मुआवजा देने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। नरेश मीणा ने कहा कि यह आंदोलन बच्चों के परिवारों के लिए न्याय की लड़ाई है। उन्होंने सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।
बोले- गांधी से भगत सिंह बन जाऊंगा
धरने के दौरान नरेश मीणा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं गांधी बनकर आंदोलन कर रहा हूं, लेकिन अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो भगत सिंह बनने में देर नहीं लगेगी।” उन्होंने सरकार को चुनौती दी और कहा कि बच्चों की मौत के मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज होगा। नरेश मीणा का यह बयान एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि पहले भी वे विवादित मुद्दों पर खुलकर सरकार के खिलाफ बोलते रहे हैं।
पायलट और बेनीवाल से समर्थन की अपील
नरेश मीणा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी धरने में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि बच्चों के लिए यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, पूरे समाज की है। नरेश मीणा पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। एसडीएम को थप्पड़ मारने के आरोप में महीनों जेल में रहे और हाल ही में झालावाड़ मामले में एक महीने की सजा काट चुके हैं। अब वे फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
