तेजस्वी यादव ने महुआ में बड़े भाई तेज प्रताप के खिलाफ रचा चक्रव्‍यूह, कैसे तोड़ेंगे तेजू भैया

महुआ सीट आरजेडी का पारंपरिक गढ़ रही है, जहां 2015 में तेज प्रताप ने 28 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। 2020 में मुकेश रोशन ने यहां से चुनाव जीता।
तेजस्वी यादव ने महुआ में बड़े भाई तेज प्रताप के खिलाफ रचा चक्रव्‍यूह, कैसे तोड़ेंगे तेजू भैया

बिहार की महुआ विधानसभा सीट पर लालू परिवार में छिड़ी जंग इस चुनाव की सबसे बड़ी सुर्खी बन गई है। तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव के खिलाफ अपने करीबी मुकेश रोशन को फिर से टिकट देकर साफ संदेश दे दिया कि वे किसी भी कीमत पर उन्हें जीतने नहीं देंगे। तेज प्रताप अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) से मैदान में हैं, जबकि तेजस्वी अभी तक उनके खिलाफ प्रचार करने महुआ नहीं पहुंचे हैं।

महुआ सीट आरजेडी का पारंपरिक गढ़ रही है, जहां 2015 में तेज प्रताप ने 28 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। 2020 में मुकेश रोशन ने यहां से चुनाव जीता। इस बार मुकाबला जेजेडी के तेज प्रताप, आरजेडी के मुकेश रोशन, एनडीए के लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार सिंह और जन सुराज के इंद्रजीत प्रधान के बीच है। यादव वोटों का बंटवारा तेज प्रताप की सबसे बड़ी चुनौती है, जहां रोशन 50-60% यादव वोट ले सकते हैं।

लालू की रही विरासत

तेज प्रताप को हालांकि लालू की विरासत और महुआ में शुरू कराए मेडिकल कॉलेज का श्रेय मिल रहा है। वे विक्टिम कार्ड खेलते हुए भावनात्मक अपील कर रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर चलाकर प्रचार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि यादव वोट ज्यादातर उनके पक्ष में जाएगा।

मजबूत पकड़ बना रहे

एनडीए के संजय कुमार सिंह दलित और पासवान वोटों पर मजबूत पकड़ बना रहे हैं, जबकि युवा मतदाता विकास और रोजगार के मुद्दों पर फैसला करेंगे। अगर यादव वोट 70% और मुस्लिम का 40% तेज प्रताप को मिला तो वे 70-80 हजार वोट पार कर सकते हैं, जो जीत की दहलीज पर ले जा सकता है।

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