
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ 17 अगस्त से सासाराम से शुरू होगी। इस यात्रा का मकसद लोगों को जागरूक करना और सुनिश्चित करना है कि किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूट न जाए। तेजस्वी यादव ने बताया कि इस यात्रा में राहुल गांधी भी शुरुआत में शामिल होंगे और कई दिनों तक जनता के बीच रहकर उन्हें मतदान के अधिकार और वोट चोरी से बचाव के बारे में बताएंगे। उन्होंने इसे ऐतिहासिक यात्रा करार दिया।
यात्रा की लंबाई और मार्ग
इस ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में कुल 1300 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यात्रा सासाराम से शुरू होकर औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा से होकर गुजरेगी। इसका समापन एक सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘वोटर अधिकार रैली’ के साथ होगा। इस रैली में ‘इंडिया’ गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के नेता भी शामिल होंगे।
कांग्रेस और गठबंधन की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि आजाद भारत में नागरिकों के पास वोट करने का अधिकार होना स्वतंत्रता की पहचान है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने यह संघर्ष शुरू किया है ताकि हर नागरिक लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण उच्चतम न्यायालय को भी इसमें दखल देना पड़ा। उनका कहना था कि यह षड्यंत्र सिर्फ वोट छीनने का नहीं, बल्कि जनता की पहचान छीनने का प्रयास था।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ का मकसद
महागठबंधन के अन्य घटक दलों के नेता भी इस यात्रा में शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाना है। तेजस्वी यादव ने बताया कि यात्रा के दौरान महागठबंधन के सभी सहयोगी जिलों का दौरा करेंगे और जनता से सीधे संवाद करेंगे। इसके जरिए जनता को मतदान के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति सजग करने का प्रयास किया जाएगा। यात्रा के दौरान आयोजित जनसभाओं में स्थानीय नेता और राष्ट्रीय स्तर के गठबंधन नेता जनता को संबोधित करेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील करेंगे।
