“मुझे आपका वोट नहीं चाहिए!” – यह कोई विरोधी दल का नारा नहीं, बल्कि नीतीश कुमार सरकार के मंत्री का बयान था। चुनावी माहौल में ऐसे शब्द सुनकर लोग दंग रह गए। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यह घटना हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
जनसंवाद में भड़के मंत्री अशोक चौधरी
शुक्रवार (22 अगस्त) को हाईस्कूल सत्तीघाट में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जैसे ही सांसद शांभवी चौधरी संबोधन के लिए मंच पर पहुंचीं, ग्रामीणों ने हाथों में “शांभवी वापस जाओ” और “रोड नहीं तो वोट नहीं” लिखी तख्तियां उठाकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों के गुस्से से माहौल गरमा गया, जिस पर मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी भड़क उठे। उन्होंने गुस्से में मंच से कहा, “मुझे आपका वोट नहीं चाहिए।” सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने एसडीपीओ को निर्देश दिया कि विरोध करने वालों की फोटो खींची जाए और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कार्रवाई की जाए।
सड़क की बदहाली बनी विवाद की जड़
ग्रामीणों का कहना है कि सत्तीघाट-राजघाट सड़क की हालत इतनी खराब है कि बरसात में कीचड़ और पानी से रास्ता पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। कई बार लोग चप्पल हाथ में लेकर चलने को मजबूर होते हैं। उनका आरोप है कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन सालों से सड़क नहीं बन रही। मंत्री चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि यह सड़क पथ निर्माण विभाग के अधीन है और विभागीय अड़चनों के कारण काम रुका हुआ है, लेकिन जल्द ही काम शुरू होगा।
कार्यक्रम में अफरातफरी और पुलिस का हस्तक्षेप
जैसे-जैसे नारेबाजी बढ़ती गई, कार्यक्रम में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति काबू में रहे। गौरतलब है कि इस सड़क को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार सड़क जाम कर विरोध जता चुके हैं, मगर समस्या अब तक जस की तस है।





