नीतीश कुमार फिर 10वीं बार, बिहार में बनाया रिकॉर्ड, कार्यकाल पूरा करते ही रचेंगे इतिहास

नीतीश कुमार 2030 तक सीएम पद पर बने रहते हैं तो वह सबसे लंबे समय तक सीएम रहने की  देश की सूची में टॉप तीन पर पहुंच जायेंगे जो एक रिकॉर्ड बन जायेगा।
Nitish Kumar oath

बिहार के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक नीतीश कुमार ने आज गुरुवार 20 नवम्बर को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने और सबसे लंबे समय तक इस पद पर बने रहने वाले नेता के रूप में रिकार्ड बना दिया है, नीतीश कुमार वर्तमान में 2015 से लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल की बात की जाये तो वे साल 2000 में पहली बार साल मुख्यमंत्री बने थे, वे 3 मार्च 2000 से 11 मार्च 2000 तक इस कुर्सी पर रहे और महज़ सात दिन बाद ही उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ गई थी क्योंकि वे सदन में बहुमत साबित नहीं कर सके थे,  इसके बाद 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बने 20 मई 20 14 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे उसके बाद बीच में कुछ समय के लिए जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री रहे फिर 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और आज 10 वीं बार फिर मुख्यमंत्री बन गए।

10 वीं बार नीतीश कुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ 

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 202 सीट पर प्रचंड जीत हासिल कर बिहार में मतदान प्रतिशत का इतिहास रच दिया, विधायक दल ने उन्हें नेता चुना और वे एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए। नीतीश कुमार अभी तक 19 वर्ष 93 दिन तक बिहार की सत्ता के शीर्ष पर रह चुके हैं, अब उनका नया कार्यकाल शुरू हो रहा है ।नीतीश कुमार बिहार में सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री भी हैं। बिहार में अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री का कार्यकाल इतना लंबा नहीं रहा है।

नीतीश कुमार से पहले बिहार में ये नेता रहे हैं लंबे समय तक सीएम  

बिहार की सियासत पर नजर डालें तो नीतीश कुमार से पहले श्रीकृष्ण सिन्हा 17 साल 51 दिन तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं, देश में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री पद पर बने रहने वाले नेताओं की सूची पर नजर डालें तो इस सूची में नीतीश कुमार का नाम भी शामिल है। नीतीश कुमार के नाम एक और रिकॉर्ड है वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिसने नौ बार इस पद की शपथ ले चुएक हैं अब उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इस रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया है। यदि नितिश्स कुमार अपना कार्यकाल पूरा करते हैं और 2030 तक सीएम पद पर बने रहते हैं तो वे सबसे लंबे समय तक सीएम रहने की इस सूची में टॉप तीन में शामिल हो जाएंगे और एक इतिहास रच देंगे।

 सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे पवन कुमार चामलिंग का नाम टॉप पर 

देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेताओं में सबसे ऊपर नाम सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे पवन कुमार चामलिंग का आता है। वह 12 दिसंबर से 1994 से 26 मई 2019 तक 24 साल 165 दिन तक तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे। चामलिंग ने कुल पांच बार पद की शपथ ली। वह सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता हैं। इस लिस्ट में दूसरा नाम नवीन पटनायक का आता है। वह बीजू जनता दल के नेता के रूप में 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक  24 वर्ष 99 दिनों तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। नवीन पटनायक ने भी पांच बार पद की शपथ ली थी।

ज्योति बसु 23 साल से अधिक समय तक रहे मुख्यमंत्री  

इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर नाम पश्चिम बंगाल के नेता ज्योति बसु  का नाम आता है वे 21 जून 1977 से 5 नवंबर 2000 तक 23 वर्ष 137 दिन तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने ने भी पांच बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद नाम आता है अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग का, जिनका पहला कार्यकाल 18 जनवरी 1980 से 19 जनवरी 1999 तक रहा और फिर दूसरा कार्यकाल 3 अगस्त 2003 से 9 अप्रैल 2007 रहा। उन्होंने भी कुल पांच बार पद की शपथ ली थी।

2030 तक अपना कार्यकाल पूरा करते ही रच देंगे इतिहास 

देश के सबसे ज्यादा लंबे समय तक कार्यकाल वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में नीतीश कुमार का नाम 8वें नंबर पर है, उनका अभी तक का कार्यकाल 19 साल 93 दिनों का हो चुका है आज उन्होंने 10 वीं बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और यदि वे 5 साल का कार्यकाल पूरा करते हैं वे यानि नीतीश कुमार 2030 तक सीएम पद पर बने रहते हैं तो वह सबसे लंबे समय तक सीएम रहने की  देश की सूची में टॉप तीन पर पहुंच जायेंगे जो एक रिकॉर्ड बन जायेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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