
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार यात्रा के दौरान सोमवार (15 सितंबर, 2025) को पूर्णिया में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आरजेडी और कांग्रेस वालों, जरा कान खोलकर मेरी बात सुन लो, जो भी घुसपैठिया है उसे बाहर जाना ही होगा।” पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि घुसपैठ पर ताला लगाना एनडीए की जिम्मेदारी है। उन्होंने चुनौती दी कि चाहे विपक्ष कितना भी प्रयास कर ले, घुसपैठियों को हटाने का काम रुकने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री का यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच जोश भर गया।
पीएम मोदी का ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग घुसपैठियों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए। “भारत में भारत का कानून चलेगा, घुसपैठियों की मनमानी नहीं चलेगी, ये मोदी की गारंटी है,” उन्होंने कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई होगी और इसका सकारात्मक परिणाम देश देखेगा। पीएम मोदी ने कहा कि घुसपैठियों की ढाल बनने वालों को जनता जवाब देगी और एनडीए अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
बिहार की माताओं-बहनों का धन्यवाद
पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आरजेडी और कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन कर बिहार की पहचान को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और आरजेडी बीते दो दशक से सत्ता से बाहर हैं, इसमें बिहार की माताओं-बहनों की भूमिका सबसे बड़ी है।” उन्होंने उन्हें प्रणाम करते हुए कहा कि वे बिहार की सुरक्षा और सम्मान के लिए आगे आईं। साथ ही उन्होंने विपक्ष को चेताया कि जनता घुसपैठियों के समर्थन पर उन्हें करारा जवाब देगी। इस बयान ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया।
डेमोग्राफी संकट पर प्रधानमंत्री की चिंता
पीएम मोदी ने कहा कि घुसपैठियों के कारण सीमांचल, पूर्वी भारत और अन्य राज्यों में डेमोग्राफी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रधानमंत्री ने लाल किले से डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी, ताकि देश में जनसंख्या संतुलन को लेकर काम हो। उन्होंने कहा कि वोटबैंक की राजनीति में फंसी कांग्रेस और आरजेडी घुसपैठियों की वकालत कर रही हैं। उनका कहना था कि ऐसे स्वार्थी नेताओं से देश को सावधान रहना चाहिए और जनता को सचेत होकर फैसला करना होगा।
