बिहार के पूर्णिया से नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव की शुक्रवार देर रात हुई गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद पप्पू यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने पटना पुलिस पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार पुलिस उन्हें मारने आई थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पप्पू यादव ने अपनी पोस्ट में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे टैग कर दिया। उन्होंने लिखा कि देख लीजिए किस तरह बिहार की पुलिस मुझे मारने आई थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे NEET छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
‘फांसी दे दो पर पप्पू रुकेगा नहीं’
अपने फेसबुक पोस्ट में पप्पू यादव ने बेहद तल्ख लहजे का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा कि बिहार पुलिस को उनके NEET की छात्रा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने से पेट में दर्द हो गया। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे बेईमानों की करतूतों को उजागर करने से पीछे नहीं हटेंगे, चाहे परिणाम कुछ भी हो।
“चाहे उन्हें जेल में डालो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं।” — पप्पू यादव, सांसद, पूर्णिया
उनके इस बयान के बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे उनकी साहसिक शैली बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे राजनीतिक फायदा उठाने का एक प्रयास मान रहे हैं।
पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
पप्पू यादव द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर अब तक बिहार पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पप्पू यादव अक्सर अपने मुखर और तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए प्रभावी ढंग से करते रहे हैं। उनकी यह पोस्ट भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सांसद ने अपने समर्थकों और जनता से भी अपील की है कि वे न्याय की इस लड़ाई में उनका साथ दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या राजनीतिक और कानूनी मोड़ आते हैं।





