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वैलेंटाइन डे पर आखिर क्यों बन जाता है मांडू कपल्स का फेवरेट डेस्टिनेशन?

Written by:Bhawna Choubey
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वैलेंटाइन सीजन में पार्टनर संग सुकून भरा समय बिताने के लिए मांडू बन रहा कपल्स की पहली पसंद। इतिहास, पहाड़, बादल, महल और प्रेम कथा का संगम इस जगह को खास बनाता है जानें कैसे पहुंचें, कहां घूमें, क्या खाएं।
वैलेंटाइन डे पर आखिर क्यों बन जाता है मांडू कपल्स का फेवरेट डेस्टिनेशन?

फरवरी का महीना आते ही कपल्स ऐसी जगह तलाशने लगते हैं जहां वे भीड़-भाड़ से दूर कुछ खास पल साथ बिता सकें। मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक शहर मांडू ऐसी ही एक जगह है, जहां प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और सदियों पुरानी प्रेम कहानी आज भी लोगों को अपनी ओर खींचती है। यहां आने वाले हर कपल को लगता है जैसे समय कुछ देर के लिए थम गया हो।

मांडू की पहचान सिर्फ एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं बल्कि प्रेम और त्याग की मिसाल के तौर पर भी होती है। राजा बाज बहादुर और रानी रूपमती की कहानी आज भी यहां की हवाओं में महसूस की जा सकती है। इसलिए वैलेंटाइन डे या किसी खास मौके पर पार्टनर के साथ यहां घूमना यादगार अनुभव बन सकता है।

मांडू क्यों है कपल्स का पसंदीदा रोमांटिक डेस्टिनेशन?

मांडू मध्य प्रदेश के धार जिले में विंध्याचल पर्वत की पहाड़ियों पर बसा एक ऐतिहासिक नगर है। यहां हर तरफ हरियाली, घाटियां, पुराने किले और महल देखने को मिलते हैं। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है।

कपल्स के लिए यह जगह इसलिए खास है क्योंकि यहां शांति है, भीड़ कम है और हर जगह फोटो खिंचवाने के लिए बेहतरीन लोकेशन मिल जाती है। सुबह की धुंध, शाम का सनसेट और रात की ठंडी हवा इस जगह को रोमांटिक बना देती है।

रूपमती महल और बाज बहादुर की अमर प्रेम कहानी

मांडू का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रूपमती महल है। यह पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित है, जहां से घाटियों और दूर तक फैली हरियाली का शानदार दृश्य दिखाई देता है। कहा जाता है कि रानी रूपमती यहां से रोज नर्मदा नदी के दर्शन किया करती थीं।

पास ही स्थित बाज बहादुर का महल संगीत और कला प्रेमी शासक की पहचान माना जाता है। यह महल हिंदू और इस्लामी वास्तुकला के सुंदर मिश्रण का उदाहरण है। माना जाता है कि यहीं से दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई, जो आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

जहाज महल, हिंडोला महल और इको पॉइंट का अनोखा अनुभव

मांडू का जहाज महल दो तालाबों के बीच बना है और दूर से देखने पर यह पानी में तैरते जहाज जैसा लगता है। बारिश के मौसम में यह दृश्य बेहद सुंदर हो जाता है और कपल्स यहां खूब फोटो क्लिक करते हैं। हिंडोला महल अपनी झुकी हुई दीवारों के कारण मशहूर है, जो इसे झूले जैसा रूप देती हैं। माना जाता है कि यहां कभी दरबार लगता था। वहीं इको पॉइंट पर खड़े होकर आवाज देने पर उसकी गूंज सुनाई देती है, जो एक मजेदार अनुभव देता है। घाटियों का शांत नजारा यहां समय बिताने के लिए बेहतरीन है।

नीलकंठ मंदिर और चंपा बावड़ी का ऐतिहासिक आकर्षण

मांडू का नीलकंठ मंदिर गहरी घाटी के पास स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। यहां का शांत माहौल और प्राकृतिक सुंदरता मन को सुकून देती है। पास ही स्थित चंपा बावड़ी और हमाम पुराने समय की जल प्रबंधन व्यवस्था को दिखाते हैं। यहां की ठंडी हवा गर्मियों में भी राहत देती है। इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए यह जगह खास है।

मांडू कैसे पहुंचे? यात्रा है बेहद आसान

मांडू पहुंचना काफी आसान है। इंदौर से इसकी दूरी लगभग 95 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। इंदौर और धार से बस और टैक्सी सेवाएं आसानी से मिल जाती हैं। रेल से आने वालों के लिए नजदीकी स्टेशन इंदौर जंक्शन है। वहीं हवाई यात्रा करने वालों के लिए देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है।

मांडू में रुकने की सुविधा और होटल विकल्प

मांडू में हर बजट के अनुसार रहने की सुविधा उपलब्ध है। एमपी टूरिज्म के होटल और रिसॉर्ट साफ-सुथरे और सुरक्षित माने जाते हैं। इसके अलावा कई प्राइवेट होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस भी मौजूद हैं। कपल्स के लिए शांत लोकेशन वाले होटल ज्यादा पसंद किए जाते हैं, जो प्रमुख पर्यटन स्थलों के पास ही स्थित हैं, जिससे घूमना आसान हो जाता है।

 मालवा के देसी खाने का मजा

मांडू की यात्रा लोकल खाने के बिना अधूरी मानी जाती है। यहां का खाना सादा लेकिन स्वाद से भरपूर होता है। यहां की दाल-बाटी, भुट्टे का कीस, सेव टमाटर, कढ़ी चावल, और मक्के की रोटी काफी मशहूर हैं। मिठाई में मालपुआ और मावा बाटी जरूर चखनी चाहिए।