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MP में कांग्रेस ने अमृत 2.0 योजना पर उठाए सवाल, उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर लगाया कुप्रबंधन का आरोप, सीएम से सख्त कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई शहरों में सीवेज लाइनों का काम अधूरा पड़ा है, सड़कों की हालत बदहाल हो चुकी है और दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल व सुरक्षित सीवेज व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
MP में कांग्रेस ने अमृत 2.0 योजना पर उठाए सवाल, उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर लगाया कुप्रबंधन का आरोप, सीएम से सख्त कार्रवाई की मांग

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में शहरी जल आपूर्ति और सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई अमृत 2.0 योजना को लेकर सियासी घमासान शुरु हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने डबल इंजन भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने 2025 तक प्रदेश के 78 शहरों में जल आपूर्ति और सीवेज नेटवर्क का कार्य पूरा करने का दावा किया था..लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तक योजना का लगभग 55 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है जबकि करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के घोर कुप्रबंधन के चलते रीवा, जबलपुर, शहडोल जैसे शहरों में सीवेज लाइन के लिए सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन महीनों बाद भी न पाइपलाइन बिछाई गई और न ही सड़कों की मरम्मत की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय का तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

अमृत 2.0 योजना के काम में देरी!

दरअसल अमृत 2.0 योजना को केंद्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवेज और सेप्टेज प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत देशभर में लाखों घरेलू नल कनेक्शन और हजारों किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क विकसित किया जाना है। लेकिन मध्यप्रदेश में सीवेज कार्यों की प्रगति राष्ट्रीय स्तर पर भी धीमी मानी जा रही है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में यह सामने आया है कि प्रदेश में सीवेज परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा अब भी अधूरा है, जिससे राज्य अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे नजर आ रहा है।

उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेरा

इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर योजना में कुप्रबंधन और देरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2025 तक प्रदेश के 78 शहरों में जल आपूर्ति और सीवेज नेटवर्क का कार्य पूरा करने का दावा किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 55 प्रतिशत काम ही हो सका है।

कांग्रेस नेता ने रीवा, जबलपुर और शहडोल जैसे शहरों का जिक्र करते हुए कहा है कि वहां सीवेज लाइनें महीनों से अधूरी पड़ी हैं, सड़कें टूटी हुई हैं जिससे लोगों को दूषित पानी, टूटे रास्तों और बढ़ती बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद सरकार की लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी से ये योजना जनता के लिए “अमृत” नहीं बल्कि संकट बन गई है। उमंग सिंघार ने  मुख्यमंत्री मोहन यादव से तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने, दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल व सुरक्षित सीवेज व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।