Hindi News

मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग में 4.37 करोड़ का घोटाला! उमंग सिंघार का आरोप ‘भ्रष्टाचार की पाठशाला चला रही है भाजपा सरकार’, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं का नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रणाली और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग में 4.37 करोड़ का घोटाला! उमंग सिंघार का आरोप ‘भ्रष्टाचार की पाठशाला चला रही है भाजपा सरकार’, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

Umang Singhar

मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार निशाना साधते  हुए कहा है कि प्रदेश में शिक्षा नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की पाठशाला चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के शासन में शिक्षा विभाग ठेकेदारों और अफसरों की मिलीभगत का अड्डा बन चुका है।

उन्होंने मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में हुए घोटाले का जिक्र किया जहां बीस सरकारी स्कूलों में लघु निर्माण कार्यों जैसे भवन मरम्मत, पार्किंग शेड, साइकिल स्टैंड आदि के नाम पर सिर्फ कागजों पर मरम्मत’ दिखाकर 4 करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया गया। यहां जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ लेकिन सरकारी खजाने से भारी रकम निकाल ली गई।

शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला

मैहर जिला में शिक्षा विभाग के तहत कई सरकारी स्कूलों में लघु निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है जिसकी जांच शुरु कर दी गई है। इसमें आरोपहै कि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भवन मरम्मत, पार्किंग शेड, साइकिल स्टैंड आदि कार्यों के लिए भुगतान किए गए लगभग 4.37 करोड़ रुपये निकाल लिए गए लेकिन वास्तविकता में कोई ठोस काम हुआ ही नहीं। इस तरह की कागज़ी मरम्मत दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोपों के बाद अब मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल गठित कर दिया गया है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा 

इस मामले पर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शिक्षा विभाग में सामने आए इस कथित घोटाले को लेकर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है और मैहर जिले में सामने आया मामला इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 सरकारी स्कूलों में लघु निर्माण कार्यों के नाम पर सिर्फ कागज़ों में मरम्मत दिखाकर करोड़ों की राशि निकाल ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। यह सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।

कांग्रेस नेता ने कहा है कि जहां स्कूलों में सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए थीं, वहां ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की लूट की गई। उन्होंने इसे भाजपा सरकार के तथाकथित सुशासन के दावों की पोल खोलने वाला मामला बताया। इसी के साथ उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews