बिहार के नवादा में मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली। रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लाखों लोगों का वोटर नाम कट गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वोट डाला और जिनके नाम वोटर लिस्ट में थे, उनका नाम अचानक हटा दिया गया। इस दौरान एक व्यक्ति टी-शर्ट पर लिखा संदेश ‘मेरा वोट चोरी हुआ है’ और अपनी वोटर आईडी कार्ड दिखा रहा था, जिससे मुद्दे की गंभीरता साफ नजर आई।
चुनाव आयोग और बीजेपी में पार्टनरशिप का आरोप
राहुल गांधी ने रैली में कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच एक गुप्त पार्टनरशिप चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मिलकर वोटों की चोरी कर रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम लिया और सवाल उठाया कि जनता के अधिकारों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है। राहुल गांधी ने रैली में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या वे इस बात से सहमत हैं, जिस पर लोगों ने ‘हां’ में जवाब दिया। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में इस तरह की मिलीभगत लोकतंत्र के लिए खतरा है।
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वोट देना आपका संवैधानिक अधिकार
कांग्रेस नेता ने जनता को याद दिलाया कि वोट देना उनका संवैधानिक अधिकार है। राहुल गांधी ने कहा कि यह अधिकार संविधान ने दिया है और इसके लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग मिलकर इस अधिकार को जनता से छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वोटर अधिकार यात्रा इसी मुद्दे को उजागर करने और लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए निकाली गई है।
बिहार में एक भी वोट चोरी नहीं होने देंगे
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे, तेजस्वी यादव और अन्य नेता बिहार में किसी भी वोट की चोरी नहीं होने देंगे। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश के पिछले चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नए वोटर जोड़कर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया गया। राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस ने इलेक्शन कमीशन से पूछा कि ये नए वोटर कौन हैं, लेकिन जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब बिहार में SIR प्रणाली के जरिए किसी भी तरह की वोट चोरी नहीं होने दी जाएगी।